Shani
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धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनिदेव हर एक किसी के अच्छे और बुरे कर्मो का खाता बना कर रखते हैं। जो उनको कर्मों के आधार पर ही फल देते हैं। शुभ कर्म करने पर शुभ फल जबकि बुरे कर्म करने पर दण्ड भी देते हैं। इसी कारण इन्हें कर्मफलदाता, न्यायाधीश और दण्डाधिकारी कहा जाता है।
वैदिक ज्योतिष में शनि का चाल का विशेष महत्व होता है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह किसी एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए ढाई वर्षों का समय लेते हैं। शनि अभी मकर राशि में हैं और अगले वर्ष 17 जनवरी 2023 को कुंभ राशि मे प्रवेश कर जाएंगे। शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने से मकर, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती रहेगी। मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा जबकि धनु राशि से साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी। वहीं शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने से कर्क और वृश्चिक राशि पर ढैय्या शुरू हो जाएगी। जबकि मिथुन और तुला राशि वालों को ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी।