Shani Sade Sati: ज्योतिष में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या की अवधि को चुनौतीपूर्ण समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान व्यक्ति को स्वास्थ्य, मानसिक तनाव, कामकाज और आर्थिक मामलों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे समय में धैर्य और संयम के साथ शनिदेव की पूजा करना शुभ माना जाता है। हालांकि, रोजाना शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करने और कुछ विशेष उपाय करने से उनकी कृपा प्राप्त होने की कामना की जाती है। मान्यता है कि, शनिदेव को सरसों का तेल, काले तिल और एक सिक्का अर्पित करने से वह प्रसन्न होते हैं और साढ़ेसाती व ढैय्या के प्रभाव को कम करने की कामना की जाती है। इसके अलावा शनिदेव के 108 नामों का जाप करना भी विशेष फलदायी माना जाता है। श्रद्धापूर्वक मंत्र, 108 नामों का जाप और पूजा करने से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति में सकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है। ऐसे में साढ़ेसाती या ढैय्या के प्रभाव से गुजर रहे लोग इस आसान उपाय को कर सकते हैं।