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शनि जयंती 2018: शनिदेव का रंग क्यों है काला और किस वजह से अपने पिता से हुए नाराज

Tue, 08 May 2018 09:13 AM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
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शनि अमावस्या पर भगवान शनि की जयंती मनाई जाती है। इस बार 15 मई, मंगलवार को शनि जयंती है। शनिदेव को प्रसन्न करने और अपने ऊपर से शनि की साढ़े साती और ढैय्या के प्रभाव को कम करने के लिए उन्हें काली चीजें चढ़ाई जाती है। आखिरकार शनिदेव का रंग काला क्यों है। आइए जानते हैं इसकी वजह।
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शास्त्रों के अनुसार सूर्यदेव की दूसरी पत्नी छाया गर्भवती हुईं। छाया भगवान शिव की बहुत बड़ी भक्त थीं और वह अपने गर्भ में पल रहे शनि की चिंता किए बगैर भगवान शिव की तपस्या में हमेशा लीन रहती थीं। इस कारण से ना तो वह खुद अपना और ना ही गर्भ में पल रहे अपने बच्चे का ध्यान रख पाती थी। जिसके कारण से शनि काले और कुपोषित पैदा हुए।
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जब सूर्य देव ने अपने पुत्र को देखा तो उन्हें इस बात का यकीन ही नही हुआ कि इनका पुत्र काले रंग का हो सकता है। उन्होंने अपनी पत्नी परक आरोप लगाया कि यह उनका पुत्र नहीं हो सकता। पत्नी छाया के कई बार मानने पर भी सूर्य देव ने शनि को अपना पुत्र मानने से इंकार कर दिया।
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इस बात से शनि अपने पिता पर क्रोध्रित हो गए और भगवान शिव की कठोर तपस्या प्रारंभ कर दी। तब शिव जी उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिया कि तुम सभी ग्रहों में सबसे शक्तिशाली बनोगे और मनुष्यों के साथ देवताओं में भी आपका डर रहेगा।
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