इन दिनों चार धाम यात्रा 2018 अपने चरम पर है। रोजाना हजारों श्रद्धालु यात्रा पर आ रहे हैं। आज हम आपको बदरीनाथ धाम में मौजूद चमत्कारिक शिला के बारे में बताने जा रहे हैं।
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badrinath shila
बदरीनाथ धाम में नारायण पर्वत के पास बामणी गांव में लीलाडुंगी नामक स्थान है। पौराणिक मान्यता है कि यहां स्थित शिला पर भगवान नारायण ने जन्म लिया था। इस स्थल पर पूजा-अर्चना की जाती रही है। लेकिन यहां मंदिर न होने से आम श्रद्धालु इस स्थान से अंजान हैं।
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badrinath
- फोटो : amar ujala
इसी को देखते हुए अब एक श्रद्धालु ने लीलाडुंगी में मंदिर बनाने की पहल की है। हालांकि अभी श्रद्धालु का नाम गुप्त रखा गया है। बताया गया कि बामणी गांव की भूमि पर इस मंदिर का निर्माण होगा। इसके लिए गांव के लोगों में सहमति बन चुकी है।
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Lord Shiva
- फोटो : File Photo
स्थानीय लोग बताते हैं कि लीलाडुंगी की धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां भगवान नारायण बालक रूप धारण कर शिला पर बैठ जोर-जोर से रोने लगे। इस दौरान भगवान शंकर व माता पार्वती इस क्षेत्र में विचरण कर रहे थे। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर माता पार्वती भगवान शंकर के लाख मना करने पर भी बच्चे को गोद में लेकर घर ले आईं। जैसे ही बालक को पार्वती मां ने मंदिर में बिठाया, वैसे ही वे सो गए।
और जब भगवान शंकर व माता पार्वती घूमकर आए तो मंदिर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। 'स्कंद पुराण' के केदारखंड में उल्लेख है कि इसके बाद भगवान शंकर व माता पार्वती को अपना निवास केदारनाथ में बनाना पड़ा।