कांवड़ यात्रा और रुद्राभिषेक की परंपरा
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कांवड़ यात्रा और रुद्राभिषेक की परंपरा
सावन के महीने में देशभर में कांवड़ यात्रा का भी विशेष महत्व रहता है। लाखों शिव भक्त पवित्र नदियों से गंगाजल लाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया रुद्राभिषेक भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है और इससे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सावन का यह पावन महीना भक्ति, संयम, तप और शिव आराधना का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में यदि श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा की जाए तो जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है।
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