व्रत का समापन और पारण
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व्रत का समापन और पारण
- सोमवार की शाम शिवजी की आरती करें और व्रत कथा का श्रवण करें।
- पूजन के पश्चात फल, खीर या फलाहार भगवान को अर्पित कर प्रसाद रूप में ग्रहण करें।
- व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद करें।
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