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Sawan Pradosh Vrat 2022: कब है सावन माह का पहला प्रदोष व्रत? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Tue, 19 Jul 2022 11:32 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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कब है सावन माह का पहला प्रदोष व्रत? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि - फोटो : iStock
Sawan Som Pradosh Vrat 2022 Date And Puja Vidhi: प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, साल का पांचवां माह सावन आरंभ हो चुका है। इस माह का प्रथम प्रदोष व्रत 25 जुलाई 2022 को रखा जाएगा। वैसे तो साल भर में पड़ने वाले सभी प्रदोष व्रत शिव पूजा के लिए उत्तम माने जाते हैं, लेकिन सावन माह में इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। सावन माह और त्रयोदशी तिथि दोनों ही भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। ऐसे में सावन में पड़ने वाली त्रयोदशी तिथि शिव पूजा के बेहद खास मानी जाती है। इस दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है और शिव जी विधि पूर्वक पूजा की जाती है। सावन माह का पहला प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ रहा है, इसलिए इसका तीन गुना महत्व बढ़ जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं सावन सोम प्रदोष व्रत पूजा विधि और महत्व.... 
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कब है सावन माह का पहला प्रदोष व्रत? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि - फोटो : iStock
सावन सोम प्रदोष व्रत 2022 शुभ मुहूर्त
सावन त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ- 25 जुलाई को शाम 04 बजकर 15 मिनट से
सावन त्रयोदशी तिथि का समापन- 26 जुलाई को शाम 06 बजकर 46 मिनट पर 
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कब है सावन माह का पहला प्रदोष व्रत? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि - फोटो : iStock
सावन सोम प्रदोष व्रत 2022 पूजा मुहूर्त- प्रदोष व्रत के दिन पूजा शाम के समय प्रदोष काल में की जाती है, इसलिए सावन का पहला प्रदोष व्रत 25 जुलाई, सोमवार को रखा जाएगा। इस दिन का पूजा मुहूर्त शाम 07 बजकर 17 से रात 09 बजकर 21 तक रहेगा। 

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कब है सावन माह का पहला प्रदोष व्रत? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि - फोटो : pixabay
सावन सोम प्रदोष व्रत 2022 पूजा विधि 
इस समय सावन माह चल रहा है और सावन के दूसरे सोमवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ने की वजह से ये और अधिक फलदाई हो सकता है। ऐसे में सावन सोमवार प्रदोष व्रत के दिन प्रातः काल जल्दी उठें और स्नान आदि करके पूजा के लिए साफ वस्त्र पहन लें। 
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कब है सावन माह का पहला प्रदोष व्रत? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि - फोटो : istock
उसके बाद पूजा घर में दीपक जलाएं और व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन व्रत रखते हुए प्रदोष काल में शिव जी की पूजा और उपासना करें। फिर शाम के समय प्रदोष काल में पूजा के दौरान दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल मिलाकर पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें। 
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कब है सावन माह का पहला प्रदोष व्रत? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि - फोटो : iStock
शिव जी को भांग, धतूरा, बेलपत्र फूल और नैवेद्य शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद भगवान शिव की प्रतिमा के पास धूप-दीप जला कर प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें या सुनें। अंत में शिवजी की आरती करके पूजा समाप्त करें। 
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