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Sawan Second Somvar: आज सावन के दूसरे सोमवार पर 3 शुभ योग, जानिए इनके महत्व और लाभ

Mon, 21 Jul 2025 06:18 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Sawan Second Somvar: सावन के इस दूसरे सोमवार को बन रहे इन दुर्लभ योगों का प्रभाव पूरे दिन रहेगा, जो जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक बदलाव लेकर आते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि सावन के इस पावन दिन किन-किन दुर्लभ योगों का निर्माण हो रहा है और उनसे मिलने वाले लाभ क्या-क्या हैं।
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Sawan Somvar - फोटो : अमर उजाला
Sawan Second Monday: आज 21 जुलाई को सावन का दूसरा सोमवार है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल सावन का दूसरा सोमवार अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ माना जा रहा है क्योंकि इस दिन तीन दुर्लभ और शक्तिशाली योग बन रहे हैं। ये योग सामान्यतः बहुत कम समय में बनते हैं, इसलिए इस अवसर का खास महत्व होता है। ऐसे योगों में की गई पूजा और व्रत का प्रभाव अधिक गहरा और फलदायक होता है। सावन के इस दूसरे सोमवार को बन रहे इन दुर्लभ योगों का प्रभाव पूरे दिन रहेगा, जो जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक बदलाव लेकर आते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि सावन के इस पावन दिन किन-किन दुर्लभ योगों का निर्माण हो रहा है और उनसे मिलने वाले लाभ क्या-क्या हैं।
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21 जुलाई यां सावन के दूसरे सोमवार को रोहिणी नक्षत्र रहेगा। - फोटो : अमर उजाला

सावन के दूसरे सोमवार पर शुभ योग
सावन का दूसरा सोमवार कई शुभ योग लेकर आएगा। 21 जुलाई यां सावन के दूसरे सोमवार को रोहिणी नक्षत्र रहेगा और चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे। इस दिन कामिका एकादशी भी है। साथ ही सावन के  दूसरे सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग , वृद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं इन योग के निर्माण से क्या लाभ मिलेंगे। 

 

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ज्योतिष में वृद्धि योग को बहुत शुभ माना जाता है। - फोटो : adobe
वृद्धि योग
ज्योतिष में वृद्धि योग को बहुत शुभ माना जाता है। वृद्धि जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है प्रगति और बढ़ोतरी। इस योग के दौरान किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है, खासकर धन, व्यापार या किसी भी प्रकार की वृद्धि से जुड़े मामलों में। सावन के दूसरे सोमवार को यदि इस योग में भगवान शिव की पूजा की जाए तो आर्थिक समृद्धि और भौतिक सुखों में बढ़ोतरी होती है।

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सर्वार्थ सिद्धि योग मंत्रों की सिद्धि, अनुष्ठान या किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए अत्यंत उपयुक्त है। - फोटो : अमर उजाला
सर्वार्थ सिद्धि योग
यह योग सभी मनोकामनाओं की पूर्ति और हर प्रकार के कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है। सर्वार्थ का मतलब है सभी उद्देश्य और सिद्धि का मतलब है पूर्णता या सफलता। इस योग के दौरान शुरू किए गए किसी भी शुभ कार्य में बाधाएं कम आती हैं और सफलता मिलने के योग होते हैं। यह योग मंत्रों की सिद्धि, अनुष्ठान या किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
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अमृत सिद्धि योग को ज्योतिष में अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना जाता है। - फोटो : freepik
अमृत सिद्धि योग
अमृत सिद्धि योग को ज्योतिष में अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना जाता है। अमृत का अर्थ है अमरता और सिद्धि का अर्थ है पूर्णता। इस योग में किए गए कार्यों के परिणाम स्थायी होते हैं और यह दीर्घायु, अच्छा स्वास्थ्य और समृद्धि लाता है। यह योग नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित करता है।
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शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि अर्पित करें - फोटो : freepik
कैसे पाएं लाभ
इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा करें, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि अर्पित करें और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें। शिव चालीसा, रुद्राष्टक या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ भी फलदायी रहता है। अपने मन की इच्छा के साथ संकल्प लेकर पूजा करें ताकि आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हों।
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जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है - फोटो : adobe stock
दान-पुण्य का महत्व
इन योगों में दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है और ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। साथ ही, यह दिन नए कार्य की शुरुआत, निवेश या महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए भी बेहद अनुकूल होता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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