सावन का पहला प्रदोष व्रत आज या कल, जानिए सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
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वहीं प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में की पूजा की जाती है और 15 जुलाई को त्रयोदशी तिथि का समापन प्रदोष काल के बाद यानी रात 08 बजकर 32 मिनट पर हो रहा है। इसलिए कुछ लोग 15 जुलाई को प्रदोष व्रत रख रहे हैं। इस दिन शनिवार है। ऐसे में इस प्रदोष व्रत का महत्व भी और अधिक बढ़ गया है। साथ ही इस दिन चंद्रमा वृष राशि में उच्च के रहेंगे और मृगशिरा नक्षत्र का शुभ प्रभाव रहेगा। ऐसे में 15 जुलाई को यह व्रत करना उत्तम माना जा रहा।