भोले भंडारी का प्रिय महीना सावन शुरू हो चुका है। जो 15 अगस्त तक चलेगा। 22 जुलाई को सावन का पहला सोमवार है। मंदिरों में शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए भारी उत्साह है। आखिर शिव में ऐसा क्या है, जो उत्तर में कैलाश से लेकर दक्षिण में रामेश्वरम् तक वे एक ही रूप में पूजे जाते हैं। शिवजी कैलाश में भी रह लेते हैं और शमशान में भी। उन्हें पंचमेवा भी भाता है और विषधारी कांटेदार धतुरा भी। शिवजी को किसी से मोह नहीं और हर माया के बंधन से मुक्त, फिर भी जल्द प्रसन्न होने वाले देव हैं। भोले भंडारी खुशी में उत्सव प्रिय देवता है और श्मशान में उत्सव मनाने वाले वे अकेले देवता है। सभी देवों में वे एकमात्र महादेव हैं। वे आदि हैं और अंत भी। आइए जानते हैं सावन के महीने में भोले भंडारी को कौन सी चीजें नहीं अर्पित करनी चाहिए।
जीवन में सुख - समृद्धि और सम्पन्नता के लिए इस सावन काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक। (विज्ञापन)