भगवान शिव का श्रृंगार
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भगवान शिव का श्रृंगार करें
- अभिषेक पूर्ण होने के बाद भगवान शिव का श्रृंगार करना आवश्यक माना जाता है।
- सबसे पहले शिवलिंग को हल्के हाथों से साफ करें।
- इसके पश्चात वस्त्र और जनेऊ अर्पित करें। यदि वस्त्र सफेद हो, तो उस पर थोड़ा अष्टगंध लगाया जा सकता है।
- फिर इत्र अर्पित करें और उसके बाद भस्म (विभूति) लगाएं।
- इसके उपरांत अष्टगंध और चंदन अर्पित करें तथा अंत में अक्षत (संपूर्ण चावल) चढ़ाएं।
- ध्यान रखें कि चावल टूटे हुए न हों। इसके साथ जौ, काले तिल और साबुत हरी मूंग भी अर्पित किए जा सकते हैं।
पूजन सामग्री अर्पित करें
श्रृंगार के बाद भगवान शिव को विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित की जाती है। इसमें फूलों की माला, कमल, सुगंधित पुष्प, आक के फूल, कमलगट्टा, भांग, शमी पत्र, बेलफल, धतूरा, मौसमी फल और मिठाई (नैवेद्य) शामिल हैं।
बेलपत्र अर्पित करें
पूजा के अंत में बेलपत्र चढ़ाने का विशेष महत्व होता है। बेलपत्र अर्पित करते समय उसका चिकना भाग शिवलिंग की ओर रखें और उस पर साबुत चावल के दाने लगाएं। प्रत्येक बेलपत्र अर्पित करते समय इन मंत्रों का उच्चारण करें।
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्।
त्रिजन्मपापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम्॥
साथ ही आप महामृत्युंजय मंत्र का जप भी कर सकते हैं।