भगवान कृष्ण का परिवार
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भगवान कृष्ण का परिवार: 'आनंद और लीला' का प्रतीक
श्री कृष्ण का जीवन और परिवार आनंद, उत्सव और कर्म से भरपूर है।
वृंदावन से द्वारका तक का वात्सल्य
गोकुल/वृंदावन में माता यशोदा, नंद बाबा, बलराम और सभी ब्रजवासियों के साथ उनका बचपन अत्यंत वात्सल्य और खुशहाली से भरा रहा।
द्वारका में उनका वृहद् यदुवंश का परिवार था, जहाँ उन्होंने एक गृहस्थ के रूप में अपने सभी कर्तव्यों का पालन किया।
आंनद और उत्सव का संदेश
श्री कृष्ण का परिवार सिखाता है कि जीवन में विपरीत परिस्थितियों (कंस का अत्याचार, युद्ध आदि) के बीच भी खुशहाली, हंसी-खुशी और उत्सव का माहौल कैसे बनाए रखा जाता है।