कहा जाता है कि
अयोध्या नगरी में बना एक सीता कुंड है, जिसमें स्नान करने से मनुष्य के सभी पापों का नाश हो जाता है और जो व्यक्ति अयोध्या में स्नान, जप, तप, हवन, दान, दर्शन, ध्यान आदि करता है वह सब पुण्यों का भागीदार होता है। भारत की सभी प्राचीन सांस्कृतिक सप्तपुरियो में अयोध्या का प्रथम स्थान है और श्रीरामचंद्र जी की अवताय भूमि होने के बाद अयोध्या को साकेत नगरी भी कहा जाता है।