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भगवान शिव की कृपा पाने के लिए पूजा के दौरान न करें ये गलतियां, वरना होगा अनिष्ट

Tue, 08 Mar 2022 06:18 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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Mahashivratri 2022 - फोटो : iStock
हिंदू धर्म में भगवान भोलेनाथ को कल्याण का देवता माना गया है। सृष्टि की रक्षा के लिए विष पान करने वाले महादेव अपने भक्तों की हर मनोकामना बहुत जल्द पूरी करते हैं। शिव जी के व्यक्तित्व के कई रंग हैं, इसलिए उन्हें 'देवों के देव महादेव' भी कहा जाता है। कहा जाता है कि भगवान भोलेनाथ को मनाना अत्यंत सरल है। वे जल्द ही अपने भक्तों पर प्रसन्न हो जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि जिस घर में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-आराधना की जाती है, वहां पर शुभता और संपन्नता का वास होता है। वैसे तो शिव जी की साधना अत्यंत ही सरल मानी गई है, क्योंकि भगवान शिव मात्र जल और बेलपत्र चढ़ाने से प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामना पूरी कर देते हैं, लेकिन उनकी पूजा से जुड़े कुछ विशेष नियम भी हैं, जिन्हें हर शिव भक्त को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। आइए जानते हैं उन नियमों के बारे में.... 
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Mahashivratri - फोटो : iStock
  • मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग को घर के किसी ऐसे कोने में नहीं रखना चाहिए, जहां पर उनका पूजन और दर्शन मुश्किल से संभव हो पाता हो। इसके अलावा शिवलिंग को एक बार कहीं पर स्थापित करने के बाद बार-बार उसका स्थान बदलने की गलती भी न करें। 
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Mahashivratri - फोटो : iStock
  • भगवान शिव की पूजा करते समय दिशा का विशेष ख्याल रखना चाहिए। भोलेनाथ की मूर्ति या चित्र को कहीं भी या किसी भी दिशा में न रखें, बल्कि घर के ईशानकोण में ही अपना पूजा स्थान बनाकर उसमें पवित्रता के साथ रखें और नियमित रूप से शिव जी की पूजा करें। साथ ही भगवान शिव की पूजा हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए। 

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Rudrabhishek - फोटो : iStock
  • शिव जी की पूजा में कभी भी बासी फूल न चढ़ाएं। उनकी पूजा में हमेशा ताजे पुष्प चढ़ाएं। साथ ही दूसरे दिन शिवलिंग पर बासी फूल न चढ़ा रहने दें। पूजा के दौरान बासी पुष्प हटा कर नया पुष्प चढ़ाएं। साथ ही कहा जाता है कि महादेव की पूजा में तिल और चम्पा के फूल का प्रयोग नहीं किया जाता है, इसलिए इसे भूलकर भी न चढ़ाएं। 
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Mahashivratri 2022 - फोटो : iStock
  • शंख और तुलसी का प्रयोग भगवान भोलेनाथ की पूजा में भूलकर भी न करें, क्योंकि ये दोनों ही चीजों का शिव पूजा में निषेध है। साथ ही कहा जाता है कि शिव की पूजा में हल्दी और सिंदूर भी नहीं चढ़ाना चाहिए। 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये खबर लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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