फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पोंगल 2021: जानिए दक्षिण भारत के त्योहार पोंगल, नववर्ष का महत्व और तिथि

Sat, 09 Jan 2021 02:05 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
Happy Pongal - फोटो : Amar Ujala
जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है तो पूरे उत्तर भारत में मकर संक्रांति और दक्षिण भारत में पोंगल पर्व मनाया जाता है, सूर्य के उत्तरायण होने पर दक्षिण भारत में हिन्दू धर्म के लोगों द्वारा मनाया जाने वाला मुख्य त्योहार है। तमिलनाडु में यह पर्व बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है। पोंगल का इतिहास लगभग एक हजार साल पुराना माना जाता है। यह त्योहार पूरे चार दिनों तक चलता है। जानते हैं कि क्यों मनाया जाता है यह त्योहार और क्या है इसका महत्व और तिथि...
विज्ञापन

2 of 4
Happy Pongal - फोटो : Amar Ujala
पोंगल 2021 की तिथि
यह त्योहार 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है। इस बार पोंगल 14 जनवरी दिन बृहस्पतिवार को मनाया जायेगा।
विज्ञापन

3 of 4
Happy Pongal - फोटो : Amar Ujala
तमिल कैलेंडर के हिसाब से यह साल के पहले माह की पहली तिथि होती है, इसलिए पोंगल पर्व से ही तमिलनाडु में नव वर्ष का शुभारंभ होता है। लोग हर्षोल्लास के साथ पोंगल और नव वर्ष का स्वागत करते हैं। कहा जाता है कि इस दिन लोग बुरी आदतों का त्याग करते हैं। तमिल लोग इस परंपरा को पोही कहते हैं।
विज्ञापन

4 of 4
pongal
पोंगल का महत्व 
इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं, इसलिए इसका सीधा संबंध ऋतु से होता है। इस दिन लोग विधि विधान के साथ सूर्य नारायण भगवान की पूजा करते हैं। भगवान सूर्य से ही अन्न जल की प्राप्ति होती है। इसलिए सूर्यदेव के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए पोंगल पर्व पर उन्हें विशेष भोग लगाया जाता है। सूर्य भगवान के साथ इस दिन इंद्रदेव की पूजा भी करते हैं। यह पर्व प्रकृति को समर्पित किया जाता है। यह कृषि से जुड़ा हुआ त्योहार है। लोग भगवान से अच्छी फसल की प्रार्थना करते हैं। इस दिन मवेशियों की भी पूजा करते हैं, विशेष तौर पर पोंगल के दिन बैल की पूजा की जाती है, क्योंकि खेती में बैल का विशेष योगदान होता है और भगवान शिव की सवारी नंदी बैल है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें