पोंगल का महत्व
इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं, इसलिए इसका सीधा संबंध ऋतु से होता है। इस दिन लोग विधि विधान के साथ सूर्य नारायण भगवान की पूजा करते हैं। भगवान सूर्य से ही अन्न जल की प्राप्ति होती है। इसलिए सूर्यदेव के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए पोंगल पर्व पर उन्हें विशेष भोग लगाया जाता है। सूर्य भगवान के साथ इस दिन इंद्रदेव की पूजा भी करते हैं। यह पर्व प्रकृति को समर्पित किया जाता है। यह कृषि से जुड़ा हुआ त्योहार है। लोग भगवान से अच्छी फसल की प्रार्थना करते हैं। इस दिन मवेशियों की भी पूजा करते हैं, विशेष तौर पर पोंगल के दिन बैल की पूजा की जाती है, क्योंकि खेती में बैल का विशेष योगदान होता है और भगवान शिव की सवारी नंदी बैल है।