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पितृपक्ष 2026: घर में जरूर लाएं ये चीजें, पितरों की शांति के लिए मानी जाती हैं शुभ

Mon, 21 Sep 2026 12:33 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष में किए गए इन कार्यों से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। इस अवधि में पूजा-पाठ के साथ कुछ शुभ वस्तुओं को घर लाना भी अच्छा माना जाता है। आइए जानते हैं ये वस्तुएं कौन सी हैं।
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पितृपक्ष में घर जरूर लाएं ये 3 चीजें - फोटो : AI
पितृपक्ष हिंदू धर्म में पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का महत्वपूर्ण समय माना जाता है। इस दौरान लोग अपने पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कर्म करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष में किए गए इन कार्यों से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। साल 2026 में पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर से होगी। इस अवधि में पूजा-पाठ के साथ कुछ शुभ वस्तुओं को घर लाना भी अच्छा माना जाता है।
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तांबे, कांसे और पीतल के बर्तन - फोटो : Adobe Stock
तांबे, कांसे और पीतल के बर्तन
पितृपक्ष के दौरान तांबे, कांसे या पीतल के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। धार्मिक कार्यों में इन धातुओं के बर्तनों का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। मान्यता है कि इन्हीं बर्तनों से पितरों को जल अर्पित करने या तर्पण करने से पूर्वजों के प्रति श्रद्धा पूरी होती है। आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार इनमें से कोई भी बर्तन घर ला सकते हैं और पूजा या तर्पण के समय उसका उपयोग कर सकते हैं।
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घर लाएं गंगाजल - फोटो : adobe
घर लाएं गंगाजल
पितृपक्ष में गंगाजल को भी विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि गंगाजल पवित्र होता है और धार्मिक अनुष्ठानों में इसका प्रयोग शुभ फल देने वाला माना जाता है। पितृ तर्पण में गंगाजल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा घर के पूजा स्थल और अन्य स्थानों पर गंगाजल का छिड़काव करने की भी परंपरा है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, इससे घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बना रहता है।

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काले तिल जरूर खरीदें - फोटो : Adobe Stock
काले तिल जरूर खरीदें
पितृपक्ष के दौरान काले तिल खरीदना और उनका दान करना भी शुभ माना जाता है। तर्पण की प्रक्रिया में काले तिल का विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तिल से तर्पण करने से पितरों को संतुष्टि मिलती है और पितृदोष से जुड़ी परेशानियों को कम करने में सहायता मिल सकती है। इस दौरान जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल का दान करना भी पुण्यदायी माना जाता है।
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पितृ पक्ष - फोटो : adobe stock
पितृपक्ष में इन वस्तुओं को घर लाना धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़ा माना जाता है। इनका महत्व व्यक्ति की श्रद्धा और विश्वास पर आधारित है। इसलिए पितरों का स्मरण करते समय सबसे जरूरी है कि श्राद्ध और तर्पण पूरे सम्मान, श्रद्धा और विधि के अनुसार किए जाएं।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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