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8 मई से शुरू हो रहा है अग्नि पंचक, 13 मई तक भूलकर भी ना करें ये 5 काम

Tue, 08 May 2018 05:20 PM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
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हिन्दू धर्म में किसी भी शुभ काम को शुरू से पहले मुहूर्त देखा जाता है। बिना मुहूर्त देखे काम की शुरुआत करने से मनचाहा फल नहीं मिलता है। 8 मई की शाम को 6 बजकर 16 मिनट से पंचक शुरू हो रहा है जो 13 मई तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार पंचक को अशुभ माना जाता है।
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पंचक कई तरह के होते हैं इस बार मंगलवार के दिन पड़ने के कारण यह अग्नि पंचक कहलाएगा। अग्नि पंचक लगाने के कारण इन 5 दिनों में आग से नुकसान होने का खतरा अधिक रहेगा है।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचक 5 खास नक्षत्र में लगता है जो कि धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, पूर्वा भाद्रपद व रेवती नक्षत्र आते हैं। जिसमें कोई भी शुभ काम करने की मनाही होती है।
 

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ज्योतिष के अनुसार पंचक भी अलग-अलग प्रकार के होते हैं। अगर पंचक का प्रारंभ रविवार से हो रहा होता है तो उसे रोग पंचक कहा जाता है। वहीं सोमवार से शुरू हुआ पंचक राज पंचक कहलाता है।


 
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जो पंचक मंगलवार को शुरू हो उसे अग्नि पंचक कहते है इस दौरान आग लगने का भय रहता है। इस दौरान औजारों की खरीदारी, निर्माण या मशीनरी का कार्य नहीं करना चाहिए। इसके अलावा मृत्यु पंचक और चोर पंचक होता है। मृत्यु पंचक शनिवार और चोर पंचक शुक्रवार को होता है। दोनो काफी घातक और अशुभ पंचक माने जाते हैं।
 
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पंचक में 5 काम नहीं करना चाहिए
- पंचक में चारपाई बनवाना अच्छा नहीं माना जाता। ऐसा करने से कोई बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
-  पंचक के दौरान जिस समय घनिष्ठा नक्षत्र हो उस समय घास, लकड़ी आदि जलने वाली वस्तुएं इकट्ठी नहीं करना चाहिए, इससे आग लगने का भय रहता है।
- पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा नही करनी चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा, यम की दिशा मानी गई है।
- पंचक के दौरान जब रेवती नक्षत्र चल रहा हो, उस समय घर की छत नहीं बनाना चाहिए।
- पंचक में शव का अंतिम संस्कार करने से पहले किसी योग्य पंडित की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। यदि ऐसा न हो पाए तो शव के साथ पांच पुतले आटे या कुश  से बनाकर अर्थी पर रखना चाहिए। 
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