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Panchak 2021: इस बार 11 मार्च महाशिवरात्रि पर लग रहे हैं पंचक, भूलकर भी न करें ये काम

Mon, 08 Mar 2021 12:05 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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पंचक 2021
हिंदी कैलेंडर के अनुसार हर वर्ष फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 11 मार्च 2021 दिन गुरूवार के दिन मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि इस बार शिव योग में मनाई जाएगी, जो बेहद ही शुभ है, लेकिन इसी के साथ 11 मार्च से इसी दिन पंचक भी लगने जा रहे हैं जो 16 मार्च तक रहेंगे। पंचक के दिनों में कोई भी शुभ मांगलिक कार्यों को करने की मनाही रहती है। तो चलिए जानते हैं पंचक आरंभ, समाप्ति का समय और इस दौरान कौन से कार्य नहीं करना चाहिए।
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पंचक 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कब से कब तक रहेंगे पंचक
पंचक आरंभ समय- 11 मार्च 2021 दिन गुरूवार को सुबह 09 बजकर 21 मिनट से
पंचक समाप्त समय- 16 मार्च 2021 को सुबह 04 बजकर 44 मिनट पर

 
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पंचक 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
पंचक के दौरान इन कार्यों को करना माना गया है वर्जित
  • पंचक के समय में चारपाई आदि बनाने का कार्य नहीं करना चाहिए।
  • पंचक के समय में घर की नई छत बनवाने का कार्य न करें। 
  • इस समय लकड़ी, घास ईंधन आदि भी एकत्रित नहीं करना चाहिए। 
  • पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की ओर यात्रा नहीं करनी चाहिए।

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पंचक 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : डेमो
कैसे लगता है पंचक
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार घनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद तथा रेवती ये नक्षत्र पर जब चंद्रमा गोचर करते हैं, तो उस पूरी अवधि को पंचक काल या फिर 'भदवा' भी भी कहा जाता है। इस समय में मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाता है, लेकिन हर स्थिति में पंचक केवल अशुभ नहीं होता है। कुछ स्थितियों में पंचक शुभ भी रहता है। 
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पंचक 2021 कितने प्रकार के होते हैं पंचक (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जानिए कितने प्रकार के होते हैं पंचक
  • जो पंचक रविवार को शुरू होता है उसे पंचक रोग पंचक कहा जाता है। इस पंचक में किसी भी तरह का मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए। 
  •  सोमवार के दिन से आरंभ होने वाले पंचक को राज पंचक कहते हैं। यह पंचक शुभ माना जाता है। 
  • मंगलवार के दिन से आरंभ होने वाले पंचक को अग्नि पंचक कहा जाता है। इस पंचक में किसी भी तरह का निर्माण कार्य और मशीनरी काम आदि का आरंभ नहीं करना चाहिए। 
  • शुक्रवार को लगने वाले पंचक चोर पंचक कहते हैं। इस पंचक व्यापार और पैसों के लेन-देन से संबंधित कार्यों को करने से बचना चाहिए। 
  • बुधवार और गुरूवार से आरंभ होने वाले पंचक सभी तरह के कार्य कर सकते हैं यहाँ तक कि विवाह आदि मांगलिक कार्य भी किए जा सकते हैं।
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