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Padmini Ekadashi 2020 Date: कब है पद्मिनी एकादशी, जानें तारीख, मुहूर्त, व्रत विधि और कथा

Thu, 17 Sep 2020 03:35 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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पद्मिनी एकादशी व्रत 2020 - फोटो : Rohit Jha
Padmini Ekadashi 2020: पद्मिनी एकादशी मलमास या अधिकमास में आती है। शास्त्रों में इसे कमला एकादशी कहते हैं। अधिक मास 18 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है जो 16 अक्टूबर को समाप्त होगा। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इसलिए इस महीने में पड़ने वाली एकादशी को पुरुषोत्तमी एकादशी के नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं कब है पद्मिनी एकादशी व्रत, क्या है इसकी व्रत विधि और पौराणिक कथा...
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पद्मिनी एकादशी 2020 - फोटो : अमर उजाला
कब है पद्मिनी एकादशी व्रत
Padmini Ekadashi 2020 Date: पद्मिनी एकादशी व्रत इस महीने 27 सितंबर रविवार के दिन रखा जाएगा। यह व्रत एकादशी तिथि में रखा जाता है जबकि व्रत का पारण द्वादशी तिथि के दिन किया जाता है।
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पद्मिनी एकादशी मुहूर्त 2020 - फोटो : सोशल मीडिया
पद्मिनी एकादशी मुहूर्त 2020 (Padmini Ekadashi Muhurat 2020) 
एकादशी तिथि प्रारंभ: 27 सितंबर, 06:12 बजे से 
एकादशी तिथि समाप्त: 28 सितंबर, 08.00 बजे तक।
पद्मिनी एकादशी पारणा मुहूर्त: 06:12:41 से 08:36:09 तक (28 सितंबर 2020)
अवधि: 2 घंटे 23 मिनट

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एकादशी व्रत 2020 - फोटो : सोशल मीडिया
पद्मिनी एकादशी व्रत विधि (Padmini Ekadashi vrat vidhi)
  • सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। 
  • इसके बाद अपने पितरों का श्राद्ध करें। 
  • भगवान विष्णु की पूजा-आराधना करें। 
  • ब्राह्मण को फलाहार का भोजन करवायें और उन्हें दक्षिणा दें। 
  • इस दिन इंदिरा एकादशी व्रत कथा सुनें।
  • एकादशी व्रत द्वादशी के दिन पारण मुहूर्त में खोलें।
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पद्मिनी एकादशी व्रत का महत्व - फोटो : अमर उजाला।
पद्मिनी एकादशी व्रत का महत्व
पद्मिनी एकादशी जगत के पालनहार भगवान विष्णु जी को बेहद प्रिय है। शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि जो व्यक्ति पद्मिनी एकादशी व्रत का पालन सच्चे मन से करता है उसे विष्णु लोक की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से व्यक्ति हर प्रकार की तप-पपस्या, यज्ञ और व्रत आदि से मिलने वाले फल के समान फल प्राप्त करता है। ऐसा कहते हैं कि सर्वप्रथम भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को पुरुषोत्तमी एकादशी के व्रत की कथा सुनाकर इसके माहात्म्य से अवगत करवाया था।
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पद्मिनी एकादशी व्रत कथा - फोटो : ANI
पद्मिनी एकादशी व्रत कथा
त्रेता युग में एक पराक्रमी राजा कृतवीर्य था। राजा की कई रानियां थीं लेकिन फिर भी उसकी कोई संतान नहीं थी। संतान प्राप्ति की कामना से राजा ने अपनी रानियों सहित कठोर तपस्या की। किंतु उन्हें उनकी तपस्या का फल प्राप्त न हुआ। ऐसे में रानियों ने माता अनुसूया से इसका उपाय पूछा। तब माता ने उन्हें राजा सहित मल मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत करने के लिए कहा।

रानियों ने देवी अनुसूया के बताये विधान के अनुसार पद्मिनी एकादशी का व्रत रखा। व्रत की समाप्ति पर भगवान प्रकट हुए और वरदान मांगने के लिए कहा। उन्होंने भगवान से यह वर मांगा कि हमें ऐसा पुत्र प्रदान करें जो सर्वगुण सम्पन्न हो जो तीनों लोकों में आदरणीय हो और आपके अतिरिक्त किसी से पराजित न हो। भगवान ने उन्हें ऐसा वर दे दिया। कुछ समय पश्चात रानी ने एक पुत्र को जन्म दिया जो कृतवीर्य अर्जुन के नाम से जाना गया। कालान्तर में यह बालक अत्यंत पराक्रमी राजा हुआ जिसने रावण को भी बंदी बना लिया था।
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इस वर्ष आने वाली एकादशी व्रत की तारीखें - फोटो : सोशल मीडिया
आने वाली एकादशी की तारीखें
परम एकादशी - 13 अक्टूबर 2020
पापांकुशा एकादशी - 27 अक्टूबर 2020
रमा एकादशी - 11 नवंबर 2020
देव उठनी एकादशी - 25 नवंबर 2020
उत्पन्ना एकादशी - 11 दिसंबर 2020
मोक्षदा एकादशी - 25 दिसंबर 2020
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