राम मंदिर अयोध्या
- फोटो : X-ShriRamTeerth
शास्त्र सम्मत मुहूर्त और विधियों से होगी प्राण प्रतिष्ठा
राम मंदिर में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन में योग, मुहूर्त और वैदिक परंपराओं का विशेष रूप से ध्यान रखा जा रहा है। यह पहला अवसर नहीं है जब इतनी गहराई और शास्त्रसम्मत विधियों के साथ यह अनुष्ठान संपन्न किया जा रहा हो। इससे पहले 22 जनवरी 2024 को, मंदिर के भूतल पर भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा भी पौष शुक्ल द्वादशी को की गई थी, जो भगवान विष्णु के कूर्म अवतार की तिथि मानी जाती है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि हर धार्मिक आयोजन में योग, तिथि, मुहूर्त और विधि-विधान का पूरी तरह पालन हो। आगामी प्राण प्रतिष्ठा भी उसी परंपरा का अनुसरण करती है। हालांकि मुख्य आयोजन की तिथियां 3 से 5 जून के बीच प्रस्तावित हैं, लेकिन इसकी शुरुआत 2 जून को प्रायश्चित कर्म और जल यात्रा से हो जाएगी। 3 जून को पूरे वैदिक विधानों के साथ पंचांग पूजन, यज्ञ मंडप पूजन, देवताओं का आह्वान, ग्रह यज्ञ, अग्नि स्थापना, हवन, और प्रतिमाओं का जलाधिवास प्रारंभ होगा। इन सभी तैयारियों का उद्देश्य है कि प्राण प्रतिष्ठा न केवल धार्मिक दृष्टि से शुद्ध हो, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा से भी पूर्ण रूप से युक्त रहे। यह आयोजन भारतीय सनातन परंपरा की गहराई और श्रद्धा का जीवंत प्रमाण है।