दुर्गा सप्तशती का पाठ सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला और बहुत ही शुभफल प्रदान करने वाला है। नवरात्रि के दिनों में इस पाठ का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। दुर्गा यानि दुर्ग या किला सप्तशती अर्थात् सात सौ यानि जिसमें सात सौ मंत्रों को समाहित किया गया हो। दुर्गा सप्तशती का पाठ तीन चरणों और तेरह अध्यायों में विभाजित है। इस पाठ को करने से मां दुर्गा की असीम कृपा प्राप्त होती है। लेकिन इस पाठ को करते समय कुछ सावधानियां बरतना भी आवश्यक होती हैं। अन्यथा आपको नुकसान भी हो सकता है। जानते हैं कि दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।