फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अखंड ज्योति: नवरात्रि में अखंड ज्योति बुझ जाए तो क्या करें? यहां जानें जरूरी नियम

Tue, 13 Oct 2026 02:45 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

मां दुर्गा की आराधना के दौरान अखंड ज्योति प्रज्वलित करने की परंपरा है। आइए जानते हैं कि अखंड ज्योति बुझने पर क्या करना चाहिए और इसे जलाते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना जरूरी है।
विज्ञापन
1 of 5
अखंड ज्योति बुझने पर क्या करें? - फोटो : AI
शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के दौरान अखंड ज्योति प्रज्वलित करने की परंपरा है। अनेक श्रद्धालु नौ दिनों तक देवी के समक्ष दीपक जलाकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं। धार्मिक मान्यताओं में इस ज्योति को शुभता, प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, कभी हवा के झोंके, घी या तेल कम होने अथवा बाती में परेशानी के कारण दीपक बुझ सकता है। ऐसी परिस्थिति में भक्तों के मन में इसे लेकर कई सवाल उठते हैं। आइए जानते हैं कि अखंड ज्योति बुझने पर क्या करना चाहिए और इसे जलाते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना जरूरी है।

शारदीय नवरात्रि 2026 के 9 रंग: पहले दिन से महानवमी तक जानें नौ दिनों के शुभ रंग
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
क्या अखंड ज्योति का बुझना अशुभ होता है? - फोटो : Adobe Stock
क्या अखंड ज्योति का बुझना अशुभ होता है?
धार्मिक परंपराओं में अखंड ज्योति का विशेष स्थान है, लेकिन इसके बुझने को हर परिस्थिति में किसी अनहोनी से जोड़ना उचित नहीं है। कई बार इसके पीछे सामान्य कारण होते हैं, जैसे हवा लगना, ईंधन की कमी या बाती का ठीक से न जलना। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय दीपक बुझने का कारण समझें और सावधानीपूर्वक उसे दोबारा प्रज्वलित करें। पूजा में श्रद्धा, भक्ति और मन की एकाग्रता को महत्वपूर्ण माना जाता है।
विज्ञापन

3 of 5
अखंड ज्योति बुझ जाए तो दोबारा कैसे जलाएं? - फोटो : अमर उजाला
अखंड ज्योति बुझ जाए तो दोबारा कैसे जलाएं?
1. मन शांत रखें:
सबसे पहले परेशान होने के बजाय मां दुर्गा का स्मरण करें और मन ही मन प्रार्थना करें।

2. दीपक की सफाई करें: यदि दीपक में जली हुई बाती या अन्य कोई रुकावट हो, तो उसे सावधानी से हटाएं। गर्म पात्र को छूने से पहले उसके ठंडा होने का ध्यान रखें।

3. नई बाती और घी डालें: जरूरत के अनुसार नई रूई की बाती लगाएं और दीपक में पर्याप्त घी या तेल भरें। ध्यान रखें कि पात्र सुरक्षित स्थिति में हो।
 

4 of 5
अखंड ज्योति जलाते समय सावधानियां - फोटो : Adobe Stock
4. ज्योति दोबारा प्रज्वलित करें: किसी दूसरे जलते दीपक की लौ से अखंड ज्योति फिर से जला सकते हैं। इसके बाद हाथ जोड़कर मां दुर्गा की आराधना करें।

5. मंत्र जाप करें: श्रद्धानुसार 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' मंत्र का 11 या 21 बार जाप कर सकते हैं। इससे मन को शांति और पूजा में एकाग्रता मिल सकती है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अखंड ज्योति जलाते समय सावधानियां - फोटो : Adobe Stock
अखंड ज्योति जलाते समय सावधानियां
दीपक को मजबूत और समतल चौकी पर रखें। उसे पर्दों, कागजों और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें। हवा से बचाने के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था करें और घी या तेल की मात्रा समय-समय पर जांचें। दीपक को बिना निगरानी के न छोड़ें।

नवरात्रि में अखंड ज्योति बुझने पर भयभीत होने के बजाय उसे सुरक्षित तरीके से दोबारा जलाएं। अलग-अलग परंपराओं में इस विषय पर मान्यताएं भिन्न हो सकती हैं।

दुर्गा सप्तशती पाठ: शारदीय नवरात्रि में सप्तशती पाठ का महत्व, जानें सही विधि और इससे मिलने वाले लाभ
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें