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Narsimha Jayanti 2022: कब है नरसिंह जयंती? जानें, शुभ मुहूर्त और इसका महत्व

Sat, 07 May 2022 03:10 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
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साल 2022 में 14 मई को नरसिंह जयंती मनाई जाएगी। - फोटो : amar ujala
Narsimha Jayanti 2022: नरसिंह जयंती वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु ने नरसिंह के रूप में अवतार लिया था और हिरण्यकश्यप का वध किया था। साल 2022 में 14 मई को नरसिंह जयंती मनाई जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को नरसिंह जयंती मनाई जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु ने अवतार लिया था और इस संसार में धर्म की स्थापना के लिए हिरण्यकश्यप का वध किया था। इसलिए, इस दिन को पूरे देश में बहुत उत्साह के साथ नरसिंह जयंती के रूप में मनाया जाता है। नरसिंह अवतार में भगवान विष्णु आधे शेर और आधे मानव के रूप में अवतार लिया था। नरसिंह अवतार में उनका चेहरा और पंजे सिंह की तरह थे और शरीर का बाकी हिस्सा मानव की तरह था। आइए जानते हैं नरसिंह जयंती की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में। 
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हिन्दू पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को नरसिंह जयंती मनाई जाती है।
नरसिंह जयंती 2022 तिथि 
चतुर्दशी तिथि  प्रारंभ: 14 मई 2022, शनिवार दोपहर 03:23 बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त: 15 मई 2022, रविवार दोपहर 12:46 बजे
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शुभ मुहूर्त काल में की गई पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। 
नरसिंह जयंती पूजा मुहूर्त
नरसिंह जयंती मध्याह्न संकल्प का शुभ समय: प्रातः 10:57 से दोपहर 01: 40 तक  
नरसिंह जयंती सायंकाल पूजा समय: सायं 04: 22 से 07:05 तक । 
इन मुहूर्त काल में की गई पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। 

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यह जयंती बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानकर मनाई जाती है।
नरसिंह जयंती का महत्व 
नरसिंह जयंती को नरसिंह प्राकट्य दिवस के रूप से भी जाना जाता है। यह जयंती बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानकर मनाई जाती है। इस दिन को नरसिंह जी के भक्त पूजा और व्रत करते हैं। मान्यता है यदि नरसिंह जयंती के दिन आराधना और पूजन करने से समृद्धि, साहस और सफलता की प्राप्ति होती है।
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पूजा के बाद देवताओं को नारियल, मिठाई, केसर और फलों का भोग लगाएं।  - फोटो : अमर उजाला
पूजन विधि 
  • ब्रह्ममुहूर्त में पवित्र स्नान करके नए वस्त्रों को धारण करें। 
  • पूजन से पूर्व पूजास्थल को साफ करें और विधिवत मूर्तियों या तस्वीरों की स्थापना करें। 
  • जयंती के इस दिन नरसिंह जी के साथ साथ लक्ष्मी पूजन भी किया जाता है।
  • पूजा के समय और दिन के समय भी भगवान नरसिंह जी की आराधना करें।
  • पूजा के बाद देवताओं को नारियल, मिठाई, केसर और फलों का भोग लगाएं। 
  • नरसिंह जयंती पर भगवान नरसिंह का व्रत सूर्योदय के समय आरंभ होकर सूर्योदय पर ही समाप्त हो जाता है। इस व्रत में अनाज का सेवन निषेध है। 
  • शाम की पूजा के उपरांत तिल, भोजन और वस्त्र का दान करें। इससे पुण्य प्राप्त होता है।
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