फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Narad Jayanti 2026: कब है नारद जयंती? जानें पूजा विधि और महत्व

Sat, 02 May 2026 08:03 PM IST
Shweta Singh ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

नारद जयंती 2026 ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाएगी। जानें नारद जयंती का महत्व, पूजा विधि और इसका धार्मिक लाभ।
विज्ञापन
1 of 4
नारद जयंती - फोटो : amar ujala
हिंदू धर्म में नारद जयंती का विशेष धार्मिक महत्व है। यह पर्व ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है और इसे देवर्षि नारद के जन्मोत्सव के रूप में जाना जाता है। नारद जी को ज्ञान, भक्ति और देवताओं के संदेशवाहक के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और नारद जी की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस अवसर पर पूजा-पाठ, व्रत और दान का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं कि साल 2026 में नारद जयंती कब मनाई जाएगी और इसका धार्मिक महत्व क्या है।
विज्ञापन

2 of 4
narad jayanti - फोटो : amar ujala

कब है नारद जयंती 
पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि 2 मई 2026 को रात 12:51 बजे शुरू होकर 3 मई 2026 को रात 3:02 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर नारद जयंती 3 मई 2026 को मनाई जाएगी, और इस दिन पूजा करना शास्त्रों के अनुसार शुभ माना जाता है।

विज्ञापन

3 of 4
narad jayanti - फोटो : amar ujala

नारद जयंती का महत्व
नारद जी को ब्रह्मा जी के मानस पुत्र और देवर्षि माना जाता है, जिन्हें तीनों लोकों में संदेशवाहक के रूप में जाना जाता है। वे भगवान विष्णु के परम भक्त हैं और हमेशा “नारायण-नारायण” का जाप करते रहते हैं। धार्मिक मान्यता है कि नारद जी भक्तों की प्रार्थनाएं भगवान तक पहुंचाते हैं। इस दिन उनकी पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। साथ ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।
नारद जयंती के दिन दान-पुण्य करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना, जरूरतमंदों की मदद करना और धार्मिक कार्यों में भाग लेना विशेष फल देता है। इससे जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं और कष्टों में कमी आती है।

विज्ञापन

4 of 4
narad jayanti - फोटो : amar ujala

नारद जयंती पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करके गंगाजल का छिड़काव करें।
  • सबसे पहले भगवान विष्णु की पूजा करें।
  • विष्णु जी को फूल, चंदन और फल अर्पित करें।
  • धूप और दीप जलाकर आरती करें।
  • तुलसी युक्त पंचामृत का भोग लगाएं।
  • इसके बाद विधि-विधान से नारद जी की पूजा करें।
  • इस दिन बांसुरी अर्पित करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें