narad jayanti
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नारद जयंती का महत्व
नारद जी को ब्रह्मा जी के मानस पुत्र और देवर्षि माना जाता है, जिन्हें तीनों लोकों में संदेशवाहक के रूप में जाना जाता है। वे भगवान विष्णु के परम भक्त हैं और हमेशा “नारायण-नारायण” का जाप करते रहते हैं। धार्मिक मान्यता है कि नारद जी भक्तों की प्रार्थनाएं भगवान तक पहुंचाते हैं। इस दिन उनकी पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। साथ ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।
नारद जयंती के दिन दान-पुण्य करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना, जरूरतमंदों की मदद करना और धार्मिक कार्यों में भाग लेना विशेष फल देता है। इससे जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं और कष्टों में कमी आती है।