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नाग पंचमी 2020: बन रहा है दुर्लभ योग कालसर्प दोष निवारण के लिए है सर्वोत्तम

Thu, 23 Jul 2020 12:57 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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nag panchami 2020 - फोटो : nag panchami 2020

नागपंचमी का पर्व हर वर्ष सावन मास की शुक्लपक्ष की पंचमी के दिन मनाया जाता है। नागपंचमी के दिन नागों की पूजा करने का विधान है। पुराने समय से ही हमारे देश में नागों की पूजा की जाती है, शास्त्रों में नागों को पाताल का स्वामी बताया गया है। भगवान शिव को नागों का देवता माना जाता हैं, वे अपने गले में वासुकी नाग धारण करते हैं,

इसलिए इस दिन भगवान शिव की पूजा करने का भी विधान है। भगवान विष्णु स्वयं भी शेषनाग पर विराजते हैं। कहा जाता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से नागदंश का भय नहीं रहता है। इस बार नागपंचमी 25 जुलाई को पड़ रही है, इस दिन दुर्लभ योग बन रहा है। जो कालसर्प दोष निवारण के लिए उपयुक्त है।

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nagpanchmi 2020

नाग पंचमी के दिन उत्तरा फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र के प्रथम चरण में दुर्लभ योग बन रहा है। शास्त्रो में इस योग में कालसर्प योग की शांति करवाने का विधान बताया गया है। ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन परिगणित और शिव नामक योग भी बन रहा है। जिसकी वजह से भी इस बार नागपंचमी का दिन बहुत शुभ है। नागपंचमी के दिन पूजन करने से नागों की कृपा के साथ शनि, राहु आदि ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से भी मुक्ति मिलती है।

 

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nagpanchmi 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नाग भगवान महादेव को अपना आराध्य मानते हैं और उनका सेवा करते हैं। नागपंचमी के दिन नागों की पूजा के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा भी करनी चाहिए। इस दिन भगवान शिव का रूद्र के मंत्रो से अभिषेक करें और उसके बाद मिट्टी के नाग-नागिन बनाकर उनकी दूध, धान, धान का लावा, दूर्वा, अक्षत, पान आदि से पूजा करें। इससे नागदेवता के साथ महादेव की कृपा भी प्राप्त होती है। बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

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नागपंचमी पर शुभ मुहूर्त (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

कब से कब तक रहेगी पंचमी तिथि

24 जुलाई शायं 4:10 मिनट से आरंभ होकर 25 जुलाई को दोपहर 1:55 मिनट तक पंचमी तिथि रहेगी।

क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त

सुबह 07:03 मिनट से 09:17 मिनट तक और 11:29 बजे से 12:30 मिनट तक पूजा करने के लिए समय उत्तम रहेगा।

 

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