फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उपवास: 12 मई को गुरुवार और एकादशी का शुभ संयोग, इस दिन करें ये उपाय, साल भर रहेगी मां लक्ष्मी की कृपा

Wed, 11 May 2022 02:26 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
गुरुवार के दिन एकादशी का शुभ योग पड़ने के कारण भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करना बड़ा ही शुभ रहेगा। - फोटो : iStock
12 मई को बहुत ही शुभ संयोग बनने जा रहा है। गुरुवार, 12 मई को वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि पर व्रत रखने का विशेष महत्व है। एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा-आराधना की जाती है। गुरुवार के दिन एकादशी पड़ने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इसके अलावा गुरुवार के दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के साथ मातंग नाम का शुभ योग भी बन रहा है। शास्त्रों में इस योग में किए जाना वाला शुभ कार्य और पूजा-पाठ जल्द सफल होते हैं। गुरुवार के दिन एकादशी का शुभ योग पड़ने के कारण भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करना बड़ा ही शुभ रहेगा। इसके अलावा इस एकादशी पर देवगुरु बृहस्पति की विशेष पूजा करने पर भी अच्छा लाभ मिलेगा।
विज्ञापन

2 of 5
Ekadashi Vrat 2022 - फोटो : अमर उजाला
12 मई का दिन है बेहद खास:
12 मई का दिन बहुत ही शुभ माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार 12 मई को कई ऐसे शुभ योगों का भी निर्माण हो रहा है जिससे इस दिन का महत्व काफी बढ़ गया है। इस दिन गुरुवार और  मोहिनी एकादशी का संयोग बन रहा है। हिंदू धर्म में मोहिनी एकादशी को सभी एकादशी व्रत में बेहद ही श्रेष्ठ माना गया है। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने असुरों से इस धरती को बचाने के लिए मोहिनी का रूप धारण किया था। इसी कारण से इसको मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस एकादशी का व्रत रखने और पूजा-पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में सुख शांति और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
विज्ञापन

3 of 5
Ekadashi Upay - फोटो : अमर उजाला
पंचांग गणना के अनुसार 12 मई के दिन मोहिनी एकादशी के दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र और हर्षण योग का शुभ संयोग भी बन रहा है। ज्योतिष के अनुसार इस योग में किया गया काम सदैव शुभ फलदायी रहता है। वहीं इस दिन चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेंगे। इसके अलावा गुरुवार के दिन गुरु और शनि दोनों ही ग्रह स्वराशि में विराजमान रहेंगे। इस तरह का संयोग कुछ लोगों के लिए बहुत ही शुभ फलदायी होता है।

4 of 5
ekadashi 2022 - फोटो : अमर उजाला
इस दिन करें ये उपाय
गुरुवार और एकादशी के योग में उपवास रखने और कुछ उपाय करने से इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है,जिससे जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा बनेगी।
- एकादशी पर व्रत रखते हुए मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु संग की दक्षिणावर्ती शंख की भी पूजा करें। पूजा में पीले रंग के फल,पीले रंग के कपड़े और पीला अनाज किसी जरूरतमंद का दान कर दें। 
- सुबह और शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और मंत्रों का जाप करते हुए तुलसी की परिक्रमा करें।
- इस दिन श्रीमद्भागवत का पाठ करें। 
- शाम के समय दूध और गंगाजल से चंद्रमा को अर्घ्य अवश्य अर्पित करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Ekadashi Vrat 2022 - फोटो : अमर उजाला
मोहिनी एकादशी का महत्व
इस दिन भगवान विष्णु के अवतार प्रभु श्री राम एवं विष्णुजी के मोहिनी स्वरूप का पूजन-अर्चन किया जाता है। पदम् पुराण के अनुसार भगवान श्री कृष्ण,युधिष्ठिर को मोहिनी एकादशी का महत्व समझाते हुए कहते हैं कि महाराज !त्रेता युग में महर्षि वशिष्ठ के कहने से परम प्रतापी श्री राम ने इस व्रत को किया। यह व्रत सब प्रकार के दुखों का निवारण करने वाला,सब पापों को हरने वाला व्रतों में उत्तम व्रत है। इस व्रत के प्रभाव से प्राणी भगवान विष्णु की कृपा से सभी प्रकार के मोह बंधनों एवं पापों से छूट कर अंत में वैकुण्ठ धाम को जाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें