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Mauni Amavasya 2021: इस दिन है मौनी अमावस्या, जानिए तिथि, मुहूर्त और महत्व

Fri, 22 Jan 2021 05:52 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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mauni amavasya 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : प्रयागराज
धार्मिक और ज्योतिष की दृष्टि से अमावस्या तिथि को बहुत खास माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार माह की आखिरी तिथि को अमावस्या पड़ती है। माघ माह में पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या या माघ अमावस्या कहा जाता है। इस बार मौनी अमावस्या 11 फरवरी 2021 दिन बृहस्पतिवार को पड़ रही है। मौनी अमावस्या का खास महत्व माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन देवतागण पवित्र संगम में निवास करते हैं, इसलिए इस दिन गंगा स्नान का महत्व बेहद विशेष माना गया है। मौनी अमावस्या पर हरिद्वार, प्रयागराज आदि पवित्र स्थानों पर भारी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इस दिन मौन व्रत करने का बहुत महत्व माना गया है। जानते हैं मौनी अमावस्या का महत्व और शुभ मुहूर्त
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mauni amavasya 2021 प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : प्रयागराज
मौनी अमावस्या शुभ मुहूर्त

अमावस्या तिथि प्रारम्भ- 11 फरवरी 2021 दिन बृहस्पतिवार को दोपहर 01 बजकर 08 मिनट 

अमावस्या तिथि समाप्त- 13 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार को रात 12 बजकर 35 मिनट तक
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mauni amavasya 2021(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : प्रयागराज
मौनी अमावस्या का महत्व

शास्त्रों में मौनी अमावस्या का अत्याधिक महत्व माना गया है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने के पश्चात दान करने से कई गुना ज्यादा पुण्यफल की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि अमावस्या को पवित्र नदी में स्नान के पश्चात पितरों को नाम का जल देने और दान करने से उनको तृप्ति प्राप्त होती है। इस दिन मौन व्रत करने का भी प्रावधान है। माना जाता है कि इस दिन मौन धारण करने से मुनि पद का प्राप्ति होती है। इस दिन व्यक्ति को अपने क्षमतानुसार अन्न, वस्त्र, धन, गौ, भूमि तथा स्वर्ण का दान करना चाहिए। यह अति उत्तम रहता है।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
पीपल की पूजा
मौनी अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा और पीपल में जल देना चाहिए, क्योंकि इस दिन भगवान शिव और श्री हरि विष्णु का पूजन भी किया जाता है। कहा जाता है कि पीपल की जड़ में विष्णु जी, तने में शिव जी और अग्र भाग में ब्रह्मा जी का निवास होता है।
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