फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चाणक्य नीति: अगर बनना चाहते हैं सफल और धनवान तो इन अवगुणों का करें त्याग

Fri, 22 Jan 2021 01:04 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य को समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, कूटनीति शास्त्र जैसे विषयों की गहरी समझ थी। वे अर्थशास्त्र के भी मर्मज्ञ थे। अर्थशास्त्र की रचना करने के कारण वे कौटिल्य कहलाए। चाणक्य को किताबी विषयों की गहरी समझ होने के साथ व्यव्हारिक जीवन का भी बहुत अनुभव था। इसलिए उनके द्वारा लिखे गए नीतिशास्त्र में बहुत ही महत्वपूर्ण बाते बताई गई हैं, जो मनुष्य के जीवन को बहुत करीब से प्रभावित करती हैं। आचार्य चाणक्य के द्वारा धन से जुड़ी महत्वपूर्ण नीतियों का भी उल्लेख किया गया है। हर व्यक्ति चाहता है कि वह सफल और धन वैभव से परिपूर्ण जीवन व्यतीत करे इसके लिए वह हर प्रकार से कोशिश भी करता है, लेकिन आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जीवन में यदि सफल और धनवान बनना है तो अपने अंदर से कुछ अवगुणों को दूर करना आवश्यक होता है।
विज्ञापन

2 of 4
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
अनैतिक कार्यों का करें त्याग
किसी भी व्यक्ति के जीवन यापन और भौतिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए धन बहुत ही आवश्यक है, इसलिए हर व्यक्ति धनवान बनना चाहता है लेकिन धनवान बनने के लिए व्यक्ति को कभी भी अनैतिक कार्य नहीं करने चाहिए। आचार्य चाणक्य के अनुसार अनैतिक कार्यों से कमाया गया धन ज्यादा दिनों तक नहीं टिकता है। गलत तरह से कमाया गया धन और सफलता बहुत जल्दी नष्ट हो जाती है। गलत कार्यों के परिणामस्वरूप व्यक्ति को जीवन में रोग, अपयश और मानहानि आदि का सामना करना पड़ता है। सफलता और धन प्राप्ति के लिए लगातार प्रयास और परिश्रम करना आवश्यक होता है। परिश्रम से कमाया धन और सफलता आपको मान-सम्मान भी दिलाती है।
विज्ञापन

3 of 4
Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
लोभ की भावना का करें त्याग
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि कभी भी दूसरे के धन को देखकर मन में लालच का भाव नहीं लाना चाहिए। जो लोगो दूसरों का धन देखकर लालच करते हैं, तो लालचवश उनके मन में गलत कार्य करने का अवगुण उत्पन्न होने लगता है। जिससे वह गलत कार्यों की ओर बढ़ सकता है। जीवन में वही व्यक्ति धनवान बनता है जो स्वयं के साधन और क्षमताओं का आकलन करके धन अर्जन और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है।
विज्ञापन

4 of 4
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
गलत संगत और बुराईयों से रहें दूर
व्यक्ति को गलत संगत और बुराईयों से हमेशा बचकर रहना चाहिए। गलत लोगों की संगति के कारण व्यक्ति की मेहनत से कमायी गई सफलता और धन का भी नाश हो जाता है। इसलिए गलत लोगों की संगति से दूर रहना चाहिए। व्यक्ति को हमेशा अच्छे और सज्जन लोगों की संगत में ही उठना बैठना चाहिए, क्योंकि संगति का प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति पर पड़ता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें