भगवान विष्णु
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देवउठनी एकादशी के दिन जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु योग निद्रा से बाहर आते हैं और खुद को लोक के कल्याण संबंधी कार्यों के लिए समर्पित कर देते हैं। भगवान विष्णु के जागने के बाद से ही संसार में विवाह, मुंडन, उपनयन संस्कार आदि मांगलिक कार्य शुरू होते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की तरह अन्य सभी देवतागण भी योग निद्रा से जागते हैं और भगवान विष्णु समेत अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा की जाती है। भगवान विष्णु इस दिन भक्तों के द्वारा किए गए दान, पुण्य आदि का भी विशेष फल देते हैं।