फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

March Ekadashi 2025: मार्च में कब-कब है एकादशी? यहां देखें तिथि और महत्व

Sat, 01 Mar 2025 06:40 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

March Ekadashi Vrat 2025: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है, जो भगवान विष्णु को समर्पित होता है। हर महीने दो बार एकादशी का व्रत किया जाता है, जिसमें विधिपूर्वक लक्ष्मी-नारायण की पूजा की जाती है। मार्च का महीना नजदीक है, तो आइए जानते हैं कि इस महीने एकादशी व्रत कब-कब मनाया जाएगा।
 
विज्ञापन
1 of 4
मार्च माह की एकादशी - फोटो : amarujala
Ekadashi Vrat in March 2025: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है, जो भगवान विष्णु को समर्पित होता है। हर महीने दो बार एकादशी व्रत का आयोजन किया जाता है, जिसमें विधिपूर्वक लक्ष्मी-नारायण की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी व्रत रखने से पापों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
जीवन में सुख-समृद्धि और इच्छित परिणाम प्राप्त करने के लिए एकादशी व्रत को विशेष रूप से लाभकारी माना गया है। मार्च का महीना जल्द ही शुरू होने वाला है। यदि आप भी श्रीहरि विष्णु की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं कि मार्च में एकादशी व्रत कब-कब मनाया जाएगा और इसका महत्व क्या है।
 
विज्ञापन

2 of 4
मार्च माह की एकादशी - फोटो : amarujala
मार्च में कौन-कौन सी एकादशी आती है? 
मार्च का पहला एकादशी व्रत फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर मनाया जाएगा, जिसे आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी के नाम से जाना जाता है। वहीं, मार्च का दूसरा एकादशी व्रत चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर होगा, जिसे पापमोचिनी एकादशी कहा जाता है।
विज्ञापन

3 of 4
आमलकी एकादशी 2025 - फोटो : amar ujala
आमलकी एकादशी कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 9 मार्च को प्रातः 07:45 बजे से प्रारंभ होगी और इसका समापन 10 मार्च को प्रातः 7:44 बजे होगा। इस प्रकार, उदयातिथि के अनुसार, आमलकी एकादशी का व्रत 10 मार्च को रखा जाएगा।

आमलकी एकादशी व्रत का महत्व 
आमलकी एकादशी का व्रत शास्त्रों में अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन उपवास रखने से सौभाग्य, समृद्धि और खुशी की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस व्रत के माध्यम से सभी पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु को आंवले का फल अर्पित करने से अच्छे स्वास्थ्य, धन और समृद्धि का वरदान मिलता है। इसलिए, जो लोग जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, उन्हें इस दिन उपवास अवश्य करना चाहिए। साथ ही, व्रत के नियमों का पालन करते हुए पारण समय पर व्रत का पारण करना भी आवश्यक है।
विज्ञापन

4 of 4
मार्च माह की एकादशी - फोटो : amarujala
मार्च में पापमोचिनी एकादशी कब ?
वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 25 मार्च को प्रातः 5:05 बजे से शुरू होगी और इसका समापन 26 मार्च को तड़के 3:45 बजे होगा। इस प्रकार, उदयातिथि के अनुसार, पापमोचिनी एकादशी का व्रत 25 मार्च को रखा जाएगा।

पापमोचिनी एकादशी का महत्व 
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापमोचिनी एकादशी का व्रत रखने से जन्म-जन्मांतर के पाप समाप्त हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि इस व्रत का पालन करने से सभी तीर्थ स्थलों के दर्शन करने और गायों का दान करने से भी अधिक पुण्य प्राप्त होता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें