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Makar sankranti 2021: इस बार बहुत पुण्य दायिनी है मकर संक्रांति, बन रहा है शुभ योग

Wed, 06 Jan 2021 02:38 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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Makar Sankranti
जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तब उसे संक्रांति कहा जाता है। इसी तरह से जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। हिंदी कैलेंडर में सूर्य के आधार पर एक वर्ष में छः-छः माह के दो भाग होते हैं। एक भाग उत्तरायन तो एक दक्षिणायन कहलाता है। मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायन होते हैं, इसलिए इस पर्व को उत्तरायन भी कहा जाता है। मकर संक्रांति पर दान स्नान आदि का बहुत महत्व माना गया है। इस दिन सूर्य उपासना और अर्घ्य देने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। इस बार मकर संक्रांति और भी ज्यादा पुण्य देने वाली है। इस बार संक्रांति पर बहुत शुभ योग बन रहा है।
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Makar Sankranti - फोटो : डेमो
कब से कब तक रहेगा पुण्य काल
हर वर्ष की तरह मकर संक्रांति 2021 में भी 14 जनवरी को मनाई जाएगी। मकर संक्रांति, स्नान,दान और जप-तप करने का दिन होता है। इस बार मकर संक्रांति पर पुण्य काल प्रातः 8.30 बजे से शाम 5.46 तक रहेगा। यानि पुण्य काल लगभग आठ घंटे का होगा। इस समयावधि में जो भी दान किया जाता है, उसका कई गुना ज्यादा शुभ फल प्राप्त होता है।
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मकर संक्रांति
मकर संक्रांति पर ग्रहों की स्थिति बना रही है ये योग
इस साल 2021में मकर संक्रांति पर सूर्य के साथ चंद्रमा, शनि, बुध और गुरु ग्रह भी मकर राशि में होंगे। इसलिए जानकारों का मानना है कि इस बार की मकर संक्रांति तिथि बहुत ही शुभफलदायी है।
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Makar Sankranti - फोटो : अमर उजाला
इस दिन क्या करना रहता है शुभ 
इस दिन जरूरतमंदों को दान अवश्य करना चाहिए। यह दिन सूर्य उपासना करने के लिए बहुत अच्छा माना गया है, इसलिए इस दिन सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए और सूर्य मंत्रों का जाप भी करना चाहिए। इसके अलावा मकर संक्रांति पर तिल एवं गुड़ की बनी चीजों का सेवन करने और पतंग उड़ाने की भी परंपरा है।
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