happy makar sankranti
चौथा कारण
गंगा को धरती पर लाने वाले महाराज भागीरथ ने अपने पूर्वजों के आत्मा की शांति के लिए इस दिन तर्पण किया था। उनका तर्पण स्वीकार करने के बाद इस दिन गंगा समुद्र में जाकर मिल गई थी। इस कारण से मकर सक्रांति पर गंगा सागर में मेला लगता है।