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Makar Sankranti 2020: पांच वजहों से मकर संक्रांति का खास महत्व

Wed, 15 Jan 2020 05:04 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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Makar Sankranti 2020
15 जनवरी 2020 को मकर संक्रांति है। जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है फिर इसके बाद दक्षिणायन से उत्तरायन हो जाता है। सूर्य के उत्तरायन होने के बाद सभी शुभ कार्य एक बाद फिर से आरंभ हो जाते हैं। मकर संक्रांति को देश में कई अलग-अलग नामों से जाना जाता है इस कारण से इस त्योहार का महत्व बढ़ जाता है। आइए जानते हैं मकर संक्रांति का महत्व...

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Makar Sankranti 2020
पहला कारण
मकर सक्रांति के दिन सूर्य अपने पुत्र शनि के घर एक महीने के लिए आते हैं। मकर राशि के स्वामी शनि हैं और इस दिन सूर्य देव शनि महाराज का भंडार भरते हैं।
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Happy Makar Sankranti
दूसरा कारण
ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य और शनि का तालमेल संभव नही, लेकिन इस दिन सूर्य खुद अपने पुत्र के घर जाते हैं। इसलिए पुराणों में यह दिन पिता-पुत्र को संबंधो में निकटता की शुरुआत के रूप में देखा जाता है।

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Happy Makar Sankranti - फोटो : Amar Ujala
तीसरा कारण
मकर संक्रांति के दिन भगवान विष्णु ने मधु कैटभ से युद्ध समाप्ति की घोषणा की थी। उन्होंने मधु के कंधे पर मंदार पर्वत रखकर उसे दबा दिया था। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु मधुसूदन कहलाने लगे
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happy makar sankranti
चौथा कारण
गंगा को धरती पर लाने वाले महाराज भागीरथ ने अपने पूर्वजों के आत्मा की शांति के लिए इस दिन तर्पण किया था। उनका तर्पण स्वीकार करने के बाद इस दिन गंगा समुद्र में जाकर मिल गई थी। इस कारण से मकर सक्रांति पर गंगा सागर में मेला लगता है।
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Happy Makar Sankranti - फोटो : Amar Ujala
पांचवा कारण
इच्छामृत्यु के वरदान से भीष्म बाण लगने के बाद भी सूर्य उत्तराण होने तक जीवित रहे थे। पितामह भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने पर स्वेच्छा से शरीर का त्याग किया था, कारण यह है कि उत्तरायण में देह त्यागने वाले व्यक्ति की आत्मा को मोक्ष मिलती है। 
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