लोहड़ी
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लोहड़ी का महत्व
इस समय मनाए जाने वाले और त्योहारो की तरह लोहड़ी का पर्व भी कृषि से जुड़ा हुआ है। इस दिन से ही मूली और गन्ने की फसल बुवाई शुरू हो जाती है और काट कर रखी गई रबी की फसल जैसे जौं, चना, मसूर, सरसों, गेहूं, मटर, मक्का आदि को लोहड़ी की अग्नि में अर्पित किया जाता है। इसका मतलब होता है कि नई फसल का भोग भगवान को अर्पित किया जाता है और पूरे वर्ष अच्छी फसल, धन और संपन्नता की प्रार्थना की जाती है।