Krishna Janmashtami 2022: भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के बारे में कौन नहीं जानता है। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध करके मथुरा वासियों को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। कृष्ण लीला में भी एक ऐसी ही एक लीला भगवान ने रची थी। आमतौर पर हम सभी यह बात जानते हैं कि भगवान राम ने माता सीता संग विवाह करने के लिए स्वयंवर में हिस्सा लिया था और वहां पर मौजूद शिव धनुष को तोड़ा था। राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता का स्वयंवर करने के लिए कई बलशाली राजाओं को अपने राज्य में बुलाया था और शर्त रखी थी कि जो भी भगवान शिव के धनुष को उठाकर तोड़ेगा उसके साथ सीता का विवाह होगा। स्वयंवर में शिव धनुष को एक से बढ़कर एक बलशाली राजाओं ने तोड़ने की कोशिश की लेकिन कोई भी उसे अपनी जगह से हिला भी नहीं पाया था। तब इसके बाद भगवान राम ने बड़ी आसानी के साथ शिव धनुष को उठाकर उसके दो हिस्से कर दिए थे। इसके बाद भगवान राम और सीताजी का विवाह संपन्न हुआ था। लेकिन क्या आपको पता है भगवान शिव के धनुष को श्रीकृष्ण ने भी तोड़ा था। तो आइए जानते हैं भगवान श्रीकृष्ण ने कब और क्यों शिव धनुष को तोड़ा था और इसके पीछे कौन सा प्रसंग है।
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श्रीराम ही नहीं भगवान कृष्ण ने भी तोड़ा था शिवजी का धनुष
- फोटो : अमर उजाला
अत्याचारी राजा कंस लगातार भगवान कृष्ण की हत्या करने के बारे में तरह-तरह की योजनाएं बनाता रहता लेकिन उसकी कोई भी योजना सफल नहीं हो पाती। एक बार की बात है कि राजा कंस ने भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण की हत्या करने के लिए उन्हें नंदगांव से मथुरा में यज्ञ के बहाने बुलाने का निमंत्रण दिया।
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श्रीराम ही नहीं भगवान कृष्ण ने भी तोड़ा था शिवजी का धनुष
- फोटो : अमर उजाला
कंस ने इसके लिए अक्रूरजी द्वारा भगवान कृष्ण को नंदगांव से मथुरा ले आने की योजना बनाई। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अक्रूरजी के साथ कंस के निमंत्रण पर मथुरा पहुंचे। कंस से अपने राज महल में धनुष यज्ञ का आयोजन किया था। धनुष यज्ञ में शामिल होने से पहले और कंस से मुलाकात करने से पहले मथुरा नगर के भ्रमण पर निकल गए। नगर भ्रमण के दौरान श्रीकृष्ण उस मंदिर में पहुंचे जहां पर भगवान शिव का धनुष रखा हुआ था।
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श्रीराम ही नहीं भगवान कृष्ण ने भी तोड़ा था शिवजी का धनुष
- फोटो : social media
श्रीकृष्ण ने धनुष को छूने की इच्छा जताई। कृष्ण की इच्छा सुन कर पहले सभी हंसने लगे कि भला एक बालक इस धनुष को कैसे उठा सकता है, लेकिन श्रीकृष्ण ने खेल-खेल में ही धनुष को उठाकर तोड़ दिया। मंदिर में रखे शिव धनुष को देखकर भगवान कृष्ण ने उसे छूने की इच्छा वहां पर मौजूद पुजारियों और सैनिकों से की। उनकी इस इच्छा को जानकर सभी लोग जोर-जोर से हंसने लगे कि जरा एक बालक इस धनुष को कैसे उठा सकता हैं। भगवान श्रीकृष्ण के आग्रह के बाद धनुष की सुरक्षा में लगे हुए सैनिकों ने इसकी आज्ञा दे दी। तब भगवान कृष्ण ने शिव धनुष को प्रणाम करते हुए बड़ी ही आसानी से उठाकर उसे तोड़ दिया।
श्रीराम ही नहीं भगवान कृष्ण ने भी तोड़ा था शिवजी का धनुष
- फोटो : Social media
जब यह खबर कंस समेत मथुरा वासियों तक पहुंची तब सभी अचंभित हो गए। कंस ने जब यह सुना कि कृष्ण ने मंदिर में रखे शिव धनुष को बड़ी ही आसानी के साथ तोड़ दिया तब वह घबरा गया। कंस की घबराहट के पीछे कृष्ण के जन्म के समय हुए भविष्यवाणी थी, क्योंकि जो भी इस शिव धनुष को उठा लेगा उसके हाथों से कंस का वध होगा। इसके अलावा जब यह बात पूरे मथुरा में फैली तो वहां के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा क्योंकि सभी जानते थे कि अब कंस का वध जल्द ही होने वाला है। इस घटना के बाद अगले ही दिन राजमहल में भगवान श्रीकृष्ण और कंस के बीच भीषण युद्ध चला जहां पर कंस का वध हुआ और उसके अत्याचारों से मुक्ति मिल गई।