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Krishna Janmashtami 2022: भगवान श्रीकृष्ण की ये 5 बातें अगर व्यवहार में उतार लीं तो सफलता निश्चित मिलेगी

Wed, 17 Aug 2022 09:58 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन ,वास्तुविद
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गीता में श्रीकृष्ण के इन उपदेशों को जीवन में अपनाएं - फोटो : Facebook
Krishna Janmashtami 2022: भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म पर जोर दिया है,उन्होंने रणभूमि में अर्जुन को समझते हुए कहा है कि मनुष्य को सदैव अच्छे कर्म करते जाना चाहिए,फल की चिंता ईश्वर पर छोड़ देनी चाहिए। जीवन जीने के तरीके को अगर किसी ने परिभाषित किया है तो वो कृष्ण हैं। कर्म से होकर परमात्मा तक जाने वाले मार्ग को उन्हीं ने बताया है। श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन ही एक प्रबंधन की किताब है,जिसमें प्रत्येक व्यक्ति के लिए जीवन जीने के लिए श्रेष्ठम सूत्र हैं। अगर आप दिमाग को शांत और मन को स्थिर रखने की कोशिश करें तो बुरी परिस्थितियों में भी आप अपने लिए कुछ बहुत बेहतरीन हल निकाल पाएंगे,ये कृष्ण सिखाते हैं। कृष्ण से सीखें कैसे जीवन को श्रेष्ठ बनाया जाए ?
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Krishna Janmashtami 2022 - फोटो : Istock
1.जीवन संघर्ष है,मुकाबला करो
कारागृह में जन्मे कृष्ण को पैदा होते ही रात में यमुना पार कर गोकुल ले जाया गया। तीसरे दिन राक्षसी पूतना मारने आ गई। यहां से शुरू हुआ संघर्ष, देह त्यागने से पहले द्वारिका डुबोने तक रहा। कृष्ण का जीवन कहता है,आप कोई भी हों,संसार में आए हैं तो संघर्ष हमेशा रहेगा। मानव जीवन में आकर ईश्वर भी सांसारिक चुनौतियों से बच नहीं सकता। श्रीकृष्ण कहते हैं परिस्थितियों से भागो मत,उसके सामने डटकर खड़े हो जाओ। क्योंकि,कर्म करना ही मानव जीवन का पहला कर्तव्य है। हम कर्मों से ही परेशानियों को जीत सकते हैं। कृष्ण ने कभी किसी बात की शिकायत नहीं की,उन्होंने हर परिस्थिति का सामना किया और विजयी रहे।
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इस्कॉन मंदिर में ठाकुरजी का अभिषेक करते संत - फोटो : अमर उजाला
2.स्वस्थ्य शरीर से मिलती है विजय
कान्हा का बचपन माखन-मिश्री खाते हुए गुजरा। आज भी लोग लड्डू गोपाल का यही भोग लगाते हैं। ये इस बात का संकेत है कि हमारा आहार अच्छा हो,शुद्ध हो,बल देने वाला हो। शरीर को निरोगी रखना है तो बचपन से ध्यान देने की जरूरत है। ये पैरेटिंग के दौर से गुजर रहे युवाओं के लिए बड़ा मैसेज है,अपने बच्चों को ऐसा खाना दें,जो उनको बल दे। सिर्फ स्वाद के फेर में पड़ के जंक फ़ूड ना खिलाएं।

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- फोटो : social media
3.पढ़ाई किताबी ना हो,रचनात्मक हो
भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी शिक्षा संदीपनी ऋषि के आश्रम में रहकर पूरी की थी। शास्त्रों के अनुसार 64 दिन में उन्होंने 64 कलाओं का ज्ञान हासिल कर लिया था। वैदिक ज्ञान के अलावा उन्होंने कलाएं सीखीं। शिक्षा ऐसी ही होनी चाहिए जो हमारे व्यक्तित्व का रचनात्मक विकास करे। संगीत,नृत्य,युद्ध सहित 64 कलाओं कृष्ण के व्यक्तित्व का हिस्सा हैं। उनकी ये बात हमें ये सिखाती है कि बच्चों में केवल किताबी ज्ञान ना भरें,उनका बहुमुखी विकास करें।
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Krishna janmashtami
4.रिश्तों को सहेजकर रखें
भगवान श्रीकृष्ण ने जीवनभर कभी उन लोगों का साथ नहीं छोड़ा,जिनको मन से अपना माना। अर्जुन से वे युवावस्था में मिले,ऐसा महाभारत कहती है,लेकिन अर्जुन से उनका रिश्ता हमेशा मन का रहा। सुदामा हो या उद्धव। कृष्ण ने जिसे अपना मान लिया,उसका साथ जीवन भर दिया। रिश्तों के लिए कृष्ण ने कई लड़ाइयां लड़ीं एवं रिश्तों से ही कई लड़ाइयां जीती। उनकी इन बातों का हमारे लिए ये संदेश है कि सांसारिक इंसान की सबसे बड़ी धरोहर रिश्ते ही हैं।
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Happy Krishna Janmashtami 2022 Wishes - फोटो : अमर उजाला
5.शांति से सब कुछ संभव है
कृष्ण ने महाभारत युद्ध के पहले शांति से समझौता करने के लिए पांडवों और कौरवों के बीच मध्यस्थता की। हालांकि दोनों ही पक्ष युद्ध लड़ने के लिए आतुर थे लेकिन कृष्ण ने हमेशा चाहा कि कैसे भी युद्ध टल जाए। झगड़ों से कभी समस्याओं का समाधान नहीं होता है। शांति के मार्ग पर चलकर ही हम समाज का रचनात्मक विकास कर सकते हैं। कृष्ण ने समाज की शांति से मन की शांति तक,दुनिया को ये समझाया कि कोई भी परेशानी तब तक मिट नहीं सकती,जब तक वहां शांति ना हो। फिर चाहे वो समाज हो,या हमारा खुद का मन।सच्चा सुख हम शांति से ही प्राप्त कर सकते हैं।
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