रात में रुकने से होता है अहित-
वृंदावन में सबसे ज्यादा बंदर कही है तो इसी निधिवन में ही हैं,दिनभर यहां बंदरों की उछल-कूद देखी जा सकती है। लेकिन यह बात हैरान करती है कि शाम होते ही बंदर यहां से कुदरती चले जाते हैं। उसके बाद बिल्कुल भी नजर नहीं आते। बंदर ही नहीं अपितु कोई भी जीव जंतु जैसे मोर,पक्षी आदि भी यहां शाम होने के बाद नज़र नहीं आते। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह सदियों से होता चला आया है। रात में रुकने की यहां सख्त मनाही है। वृंदावन के स्थानीय पुजारी के मुताबिक जिस किसी भक्त या साधु,सन्यासी ने यहां रात में रुकने की कोशिश की है,वह पागल,उन्मादी या अंधा हो जाता है और एक-दो दिन बाद उसकी मृत्यु हो जाती है।