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महाशिवरात्रि 2018: जानिए शिवरात्रि त्योहार का महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त

Sun, 04 Feb 2018 07:30 AM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
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शिव भक्तों के लिए शिवरात्रि का त्योहार बड़ा महत्व रखता है। वैसे तो हर महीने की कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि होती है लेकिन फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष को पड़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहते है। इस महीने महाशिवरात्रि का पर्व 13 फरवरी को है। भगवान शिव इस ब्राह्रांड के रक्षक होने के साथ ही विनाशक भी है। फाल्गुन के महीने में आने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के तौर पर बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है।

 
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महाशिवरात्रि का त्योहार एक दिन पहले ही शुरू हो जाता है। महाशिवरात्रि की पूरी रात पूजा और कीर्तन किया जाता है। सभी शिव मंदिरों में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। पौराणिक कथा अनुसार,फाल्गुन माह  की कृष्ण पक्ष की रात को भगवान शिव ने संरक्षण और विनाश का सृजन किया था। वहीं दूसरी मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था इसलिए इस दिन का महत्व है।

 
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पुराणों में बताया गया है क‌ि फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी साल की सभी रातों में खास है। इस रात को कालरात्र‌ि और स‌िद्ध‌ि की रात भी कहते हैं क्योंक‌ि सृष्ट‌ि में इस द‌िन एक बड़ी घटना हुई थी ज‌िसका इंतजार सभी देवी-देवता और ऋष‌ि मुन‌ि कर रहे थे। महाश‌िवरात्र‌ि की रात में भगवान श‌िव और देवी पार्वती का व‌िवाह हुआ था इसल‌िए इस रात का सृष्ट‌ि में बड़ा महत्व है। भगवान श‌िव और देवी पार्वती सृष्ट‌ि में भोग और मोक्ष प्रदान करने वाले माने गए हैं। इसल‌िए महाश‌िवरात्र‌ि को मोक्ष की रात्र‌ि और मुक्त‌ि की रात्र‌ि भी कहा गया है।
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महाशिवरात्रि के दिन शुभ काल के दौरान ही महादेव और पार्वती की पूजा की जानी चाहिए तभी इसका फल मिलता है। महाशिवरात्रि पर रात्रि में चार बार शिव पूजन की परंपरा है। 2018 में चतुर्दशी तिथि 2 दिन 13-14 फरवरी को पड़ रही है। महाशिवरात्रि के पूजन का शुभ समय 13 फरवरी को आधी रात से शुरू हो जाएगा। जिसका विश्राम 14 फरवरी को प्रात: 7:30 बजे से लेकर दोपहर 03:20 तक होगा। 
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