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हिंदू धर्म का पवित्र महीना है भादौ, इन चीजों का करें त्याग

Tue, 27 Aug 2019 11:23 AM IST
प्रशांत राय धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Social Media
भाद्रपद मास हिंदू कैलेंडर का छठवां महीना होता है, जो काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि इस पूरे माह में कई सारे मुख्य तीज-त्योहार पड़ते हैं। भाद्रपद 16 अगस्त से शुरू हो चुका है और 14 सितंबर को खत्म हो जाएगा। भाद्रपद के आखिरी दिन पूर्णिमा तिथि है। इस तिथि पर आकाश में पूर्वा या उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र का योग बनता है, इसलिए इसे भाद्रपद कहा जाता है। भाद्रपद चातुर्मास के चार पवित्र महीनों का दूसरा माह है। पवित्र चातुर्मास के अंतर्गत आने से ग्रंथों के मुताबिक इस महीने में कुछ मुख्य नियमों का जरूर पालन करना चाहिए। इसलिए हम आपको उन नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं। 
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शीरीरिक शुद्धता या सुंदरता के लिए संतुलित मात्रा में पंचगव्य का सेवन करें। इसके अलावा वंश वृद्धि के लिए नियमित दूध पीएं। पापों के नाश व पुण्य प्राप्ति के लिए एकभुक्त, अयाचित भोजन या सर्वथा उपवास करना चाहिए। 
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- फोटो : pixa
भाद्रपद मास में कई चीजों का त्याग करना चाहिए। जैसे कि मधुर स्वर के लिए गुड़ का त्याग करें। लंबी उम्र के लिए व संतान प्राप्ति के लिए तेल का त्याग करें। इसके अलावा अच्छे सौभाग्य के लिए मीठे तेल का त्याग करें। स्वर्ग प्राप्ति के लिए पुष्पादि भोगों का त्याग करें। 

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भाद्रपद मास में पलंग पर सोना, झूठ बोलना, मांस, शहद और दूसरे का दिया हुआ दही-भात का त्याग करना चाहिए। हरी सब्जी, मूली एवं बैंगन आदि का भी त्याग कर देना चाहिए। हिंदू धर्म परंपराओं में इस माह में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाता है तो शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को प्रथम पूज्य देवता श्रीगणेश का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस तरह यह माह कर्म और बुद्धि को संतुलन और साधना से सफलता पाने ता संदेश लेकर आता है। 
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भाद्रपद हिंदू धर्म के चार पवित्र महीनों में से दूसरा पवित्र महीना है। चातुर्मास धार्मिक और व्यावहारिक नजरिए से संयम और नियम-कानून को अपनाने का काल है। इस मास में हिंदू धर्म के कई बड़े व्रत, पर्व और उत्सव मनाए जाते हैं। 
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