हिन्दू धर्म में खरमास का बड़ा महत्व है। खरमास में कई तरह के शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। इस माह में शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्यदेव जब धनु में आते हैं तब खरमास लगता है। खरमास का अंत मकर संक्रांति पर होता है। यह मास आध्यात्मिक रूप से विशेष महत्व रखता है। इस मास में जप-तप व दान करने का फल जन्मों जन्मों तक मिलता है। शास्त्रों के अनुसार, खरमास में कुछ विशेष उपाय करने से कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं।