जितिया व्रत, जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है, माताओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से संतान की आयु लंबी होती है और उसके जीवन पर आने वाले संकट दूर होते हैं। कई महिलाएं संतान के सुख और उसकी रक्षा की कामना से भी यह व्रत रखती हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार, इस दिन गंधर्व राजकुमार जीमूतवाहन की पूजा की जाती है। पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में जितिया व्रत 3 अक्तूबर को रखा जाएगा। बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड समेत नेपाल के कई क्षेत्रों में इस पर्व को श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है।