Janmashtami 2022: प्रत्येक वर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। इस साल कृष्ण जन्मोत्सव का ये पर्व आने ही वाला है। कृष्ण जन्माष्टमी की बात आती है तो भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप का जिक्र सबसे अधिक होता है। आज हम कान्हा के एक ऐसे ही बाल स्वरूप के बारे में बताएंगे, जिसने अपने छोटे से मुंह में पूरे ब्रह्मांड के दर्शन करा दिखा दिए थे। कृष्ण की इसी लीला के कारण उन्हें आज भी मिट्टी का भोग लगाया जाता है। वैसे अभी तक आपने श्रीकृष्ण को माखन मिसरी और अन्य मिठाइयों का भोग लगते हुए देखा होगा, लेकिन मथुरा में एक मंदिर ऐसा भी है, जहां भगवान श्रीकृष्ण को मिट्टी के पेड़ों का भोग लगाया जाता है। मथुरा में महावन क्षेत्र के ब्रह्मांड घाट पर एक ऐसा मंदिर है जहां कान्हा जी को मिट्टी के पेड़ों का भोग लगाने की सदियों पुरानी परंपरा है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने बचपन में एक बार मिट्टी खा ली थी। आइए जानते हैं आखिर भगवान श्रीकृष्ण ने मिट्टी क्यों खाए थे...