फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Janmashtami 2022: जानिए क्यों यमुना में ही रहता था कालिया नाग, भगवान श्री कृष्ण से हारने के बाद कहां गया

Thu, 11 Aug 2022 06:55 AM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 8
जानिए क्यों युमना में ही रहता था कालिया नाग - फोटो : iStock
Janmashtami 2022: भगवान श्रीहरि ने धरती पर कंस के आतंक से लोगों को मुक्त कराने के लिए श्री कृष्ण के रूप में जन्म लिया था। पुराणों के मुताबिक, भगवान श्री कृष्ण श्रीहरि विष्णु के आठवें अवतार थे। श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रात्रि 12 बजे हुआ था। इसलिए हर साल भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। भगवान श्री कृष्ण के भगवान विष्णु का अवतार होने से इस पर्व का विशेष महत्व है।

द्वापरयुग में उनका जन्म हुआ था इसलिए उन्हें इस युग का सर्वश्रेष्ठ पुरुष कहा जाता है। भगवान श्री कृष्ण अपनी लीलाओं के लिए जाने जाते हैं, क्योंकि उन्होंने राक्षसों और कंस के मारने तक कई लीलाएं की थीं। जन्माष्टमी के नजदीक आते ही उनकी लीलाओं की चर्चाएं तेज हो जाती हैं। उनकी लीलाओं में कालिया नाग को मारना भी शामिल है। इस जन्माष्टमी के मौके पर हम आपको भगवान श्री कृष्ण और कालिया नाग से जुड़ी रोचक कहानियां बताएंगे। 
विज्ञापन

2 of 8
जानिए क्यों युमना में ही रहता था कालिया नाग - फोटो : iStock
पौराणिक कथा के मुताबिक, भगवान श्री कृष्ण के पिता का नाम वसुदेव था औ उनकी मात का नाम देवकी था। वसुदेव और देवकी के विवाह के बाद आकाशवाणी हुई कि कंस का वध उसकी बहन का आठवा पुत्र करेगा। भगवान श्री कृष्ण का कंस मामा था। इसके बाद उसने वसुदेव और देवकी को कारागार में डाल दिया। इसके बाद उसने अपनी बहन देवकी के 6 बच्चों का मार दिया। शेषनाग देवकी के सातवें पुत्र के रूप में जन्म लेने वाले थे। लेकिन जब देवकी के गर्भ में शेषनाग आए तो उनका गर्भपात हो गया जो देवताओं की एक योजना थी। उन्होंने देवकी के सातवें पुत्र यानी शेषनाग को वसुदेव की पहली पत्नी रोहिणी के गर्भाशय में स्थापित कर दिया। बलराम ने देवकी की सातवी संतान के रूप में जन्म लिया था। श्रीहरि ने देवकी के आठवें पुत्र के रूप में जन्म लिया। 
विज्ञापन

3 of 8
जानिए क्यों युमना में ही रहता था कालिया नाग - फोटो : iStock
इसके बाद वसुदेव ने गोकुल में नंद और यशोदा के घर भगवान श्री कृष्ण को पहुंचा दिया। यशोदा ने भगवान श्री कृष्ण का पालन पोषण किया। भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में जन्म लेने वाले श्री कृष्ण बचपन से ही बहुत नटखट थे और वह अपनी लीलाएं दिखाना शुरू कर दिए थे। भगवान श्री कृष्ण अपने दोस्तों के साथ गांव में सभी का मक्खन चुराकर खा जाते थे। एक बार श्री कृष्ण की शरारतों से परेशान होकर यशोदा ने ओखली से बांध दिया था। 

4 of 8
जानिए क्यों युमना में ही रहता था कालिया नाग - फोटो : iStock
बचपन में भगवान श्री कृष्ण एक बार मिट्टी खा रहे थे और माता यशोदा ने देख लिया। इसके बाद उन्होंने श्री कृष्ण से मुंह खोलने के लिए कहा, तो पूरे ब्रह्मांड का दर्शन करा दिया। भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं में गोपियों के साथ रासलीला, गोवर्धन पर्वत की कहानी, कंस का वध, कालिया नाग का वध प्रमुख रूप से शामिल है। 

 
विज्ञापन

5 of 8
जानिए क्यों युमना में ही रहता था कालिया नाग - फोटो : Istock
भगवान श्री कृष्ण की प्रसिद्ध लीलाओं में कालिया नाग का वध शामिल है। कंस ने कालिया नाग से श्री कृष्ण को मारने के लिए कहा था। भगवान श्री कृष्ण यमुना नदी के किनारे अपने दोस्तों के साथ खेल रहे थे। इसी दौरान गेंद यमुना नदी में चली गई। भगवान श्री कृष्ण के मित्रों ने उनको गेंद लाने के लिए यमुना में भेज दिया और कालिया नाग नदी में अपने परिवार के साथ रहता था। नदी में जाने के बाद श्री कृष्ण को कालिया नाग मिला। इसके बाद भगवान श्री कृष्ण ने जहरीले कालिया नाग का मर्दन करते हैं। 
 
विज्ञापन

6 of 8
जानिए क्यों युमना में ही रहता था कालिया नाग - फोटो : Istock

कालिया नाग के जहर से यमुना नदी का पानी काला हो गया था और नदी का पानी पीने से पशु-पक्षियों की मौत हो जाती थी। गांव के लोग अपने बच्चों को नदी के किनारे जाने से रोकते थे। भगवान श्री कृष्ण ने कालिया नाग को सबक सीखाने के लिए लीला रची। इस लीला के तहत वह यमुना किनारे गेंद खेलने के लिए गए और यमुना में जाकर कालिया नाग को सबक सिखाते हैं। भगवान श्री कृष्ण कालिया नाग की पत्नियों की विनती करने पर उसको छोड़ देते हैं, लेकिन उसे वहां से दूर चले जाने को कहते हैं। भगवना श्री कृष्ण के आदेश के बाद कालिया नाग यमुना नदी से अपना जहर सोख लेता है और चला जाता है।  कालिया नाग समुद्र के बीच रमन द्वीप पर जाकर रहने लगता है। 
विज्ञापन

7 of 8
जानिए क्यों युमना में ही रहता था कालिया नाग - फोटो : iStock

क्यों यमुना नदी में रहता था कालिया

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, कश्यप ऋषि की पत्नी कद्रू से कई सांपों का जन्म हुआ था। कालिया नाग कद्रू का ही पुत्र था जो पन्नग जाति का था और वह रमण नामक द्वीप में निवास करता था। लेकिन पक्षीराज गरुड़ से शत्रुता बढ़ने की वजह से वह अपनी पत्नियों के साथ यमुना नदी में जाकर रहने लगा, क्योंकि वह जानता था कि यहां पर गरुड़ भगवान नहीं आएंगे। 
 
विज्ञापन

8 of 8
जानिए क्यों युमना में ही रहता था कालिया नाग - फोटो : iStock
 तपस्वी सौभरि के मना किए जाने के बाद एक बार पक्षीराज गरुड़ ने यमुना नदी के कुंड से मछलियों को खा लिया। इसके बाद महर्षि सौभरि ने श्राप दिया और कहा कि यहां से मछलियों को खाओगे तो तुम्हारी मौत हो जाएगी। इसी वजह से वह यमुना नदी के कुंड में छिपकर रहता था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें