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Janki Jayanti 2025 : जानकी जयंती आज, जरूर करें रामचरितमानस की इन चौपाइयों का पाठ

Fri, 21 Feb 2025 06:24 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Sita Ashtami Puja: फाल्गुन कृष्ण की अष्टमी तिथि को जानकी जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिसे सीता अष्टमी भी कहा जाता है। इस दिन माता सीता और रामजी की पूजा करने से घर-परिवार में सुख और समृद्धि बनी रहती है। जानकी जयंती के अवसर पर आप माता सीता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यहां प्रस्तुत चौपाइयों का पाठ कर सकते हैं।
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जानकी जयंती 2025 - फोटो : amar ujala
Janaki Jayanti 2025: फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जानकी जयंती या सीता अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह पर्व आज यानी 21 फरवरी, शुक्रवार को मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन राजा जनक ने माता सीता को अपनी पुत्री के रूप में स्वीकार किया था। इस अवसर पर माता सीता और मर्यादा पुरुषोत्तम राम की सच्चे मन से पूजा करने से जीवन में सुख और शांति प्राप्त होती है। यह भी उल्लेखनीय है कि देवी सीता को लक्ष्मी का अवतार माना जाता है, इसलिए विवाहित महिलाओं को विशेष रूप से जानकी जयंती की पूजा करनी चाहिए। इस दिन यदि आप यहां बताई गई चौपाइयों का पाठ करते हैं, तो इस व्रत का विशेष लाभ प्राप्त हो सकता है।

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जानकी जयंती 2025 - फोटो : adobe stock
कब मनाई जाएगी जानकी जयंती? 
इस वर्ष जानकी जयंती 21 फरवरी को मनाई जाएगी। फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 20 फरवरी को सुबह 9:58 बजे से शुरू होगी और 21 फरवरी को सुबह 11:57 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, जानकी जयंती शुक्रवार, 21 फरवरी को मनाई जाएगी, और इस दिन पूजा-अर्चना जैसे धार्मिक कार्य किए जाएंगे।
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जानकी जयंती 2025 - फोटो : adobe stock
जानकी जयंती पूजा विधि 
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद माता सीता का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें। अब अपने घर के मंदिर में माता सीता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। फिर माता सीता की मूर्ति या चित्र को फूल और फल से सजाएं और उन्हें प्रसाद अर्पित करें। माता सीता की पूजा के लिए दीपक जलाएं और आरती करें। अंत में माता सीता की कथा सुनें और उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करें। पूजा संपन्न होने के बाद, प्रसाद का वितरण करें और अपने परिवार के साथ मिलकर भोजन करें
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जानकी जयंती 2025 - फोटो : adobe stock
जानकी जयंती के अवसर पर करें इन चौपाइयों का पाठ 

राम भगति मनि उर बस जाकें। दु:ख लवलेस न सपनेहुँ ताकें॥
चतुर सिरोमनि तेइ जग माहीं। जे मनि लागि सुजतन कराहीं॥

अगुण सगुण गुण मंदिर सुंदर, भ्रम तम प्रबल प्रताप दिवाकर ।
काम क्रोध मद गज पंचानन, बसहु निरंतर जन मन कानन।।

कहु तात अस मोर प्रनामा। सब प्रकार प्रभु पूरनकामा ॥
दीन दयाल बिरिदु संभारी। हरहु नाथ मम संकट भारी॥

जा पर कृपा राम की होई, ता पर कृपा करहिं सब कोई।
जिनके कपट, दंभ नहीं माया, तिनके हृदय बसहु रघुराया।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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