फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जानकी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जनक दुलारी, राम प्रिया माता सीता का प्राकट्य हुआ था। इसे सीता अष्टमी भी कहा जाता है। इस बार जानकी जयंती 06 मार्च 2021 दिन शनिवार को पड़ रही है। पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार जब राजा जनक हल से धरती जोत रहे थे। तभी उनका हल किसी कठोर चीज से स्पर्श हुआ जब राजा जनक ने देखा तो वहां से उन्हें एक कलश प्राप्त हुआ। उस कलश में एक सुंदर कन्या थी। राजा जनक के कोई संतान नहीं थी, वे उस कन्या को अपने साथ ले आए। इस कन्या का नाम ही सीता रखा गया। राजा जनक की जेयष्ठ पुत्री होने के कारण ये जनक दुलारी कहलायीं। माता सीता को लक्ष्मी जी का ही स्वरूप माना जाता है। जानकी जयंती के दिन दिन माता सीता की विधि-विधान से पूजा की जाती है। तो चलिए जानते हैं जानकी जयंती का महत्व और पूजा विधि...