महामृत्युंजय मंत्र
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मान्यता के अनुसार, होलाष्टक में महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। यह उपाय करने से जातकों को असाध्य रोग से मुक्ति मिलती है। होलाष्टक की अवधि में जातकों को अधिक से अधिक ईश्वर का ध्यान, भजन, जप-तप, स्वाध्याय व वैदिक अनुष्ठान करना चाहिए। ताकि समस्त कष्ट, विघ्न व संतापों का क्षय हो सके।