आचार्य चाणक्य
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अच्छे और समाज हित के कार्य
आचार्य चाणक्य के अनुसार जीवित रहते ही व्यक्ति को लोक कल्याण के कार्य करते रहना चाहिए। मौका मिलने पर सदैव पुण्य कार्य करने के लिए तत्पर रहना चाहिए। जब तक आपके शरीर में रोग नहीं हैं तब तक जितना हो सके अच्छे और जनकल्याण के कार्य करने चाहिए। क्योंकि शरीर में रोग लगने की स्थिति और मृत्यु के बाद किसी को पुण्य कार्य करने का मौका नहीं मिलता है। अच्छे कार्य करने वाले व्यक्ति अपने जीवन में तो सम्मान पाते ही हैं ऐसे लोगों को मृत्यु के बाद भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।