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Hartalika Teej 2026: इस साल कब रखा जाएगा हरतालिका तीज का व्रत? जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

Wed, 15 Jul 2026 02:53 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का खास व्रत हर वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। आइए जानते हैं साल 2026 में हरतालिका तीज की तिथि, शुभ मुहूर्त और इससे जुड़े जरूरी नियम।
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हरतालिका तीज कब है? - फोटो : AI
Hartalika Teej 2026 Date: हिंदु परंपरा में हरतालिका तीज व्रत का महत्व बेहद खास है। इसे सबसे कठिन व्रतों में गिना जाता है, क्योंकि इस दिन विवाहित महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करती हैं। यह खास व्रत हर वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि उनकी कृपा से अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आज के समय में अविवाहित लड़कियां भी यह व्रत रखती हैं, ताकि उन्हें योग्य और मनचाहा जीवनसाथी मिल सके। आइए जानते हैं साल 2026 में हरतालिका तीज की तिथि, शुभ मुहूर्त और इससे जुड़े जरूरी नियम।
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हरतालिका तीज 2026 की तिथि - फोटो : adobe
हरतालिका तीज 2026 की तिथि
दृक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि 13 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजकर 8 मिनट से प्रारंभ होगी और 14 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में 14 सितंबर 2026, सोमवार के दिन हरतालिका तीज का व्रत रखना अधिक शुभ माना गया है।
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पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : Instagram
पूजा का शुभ मुहूर्त
14 सितंबर 2026 को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर होगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 32 मिनट से 5 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। हरतालिका तीज की पूजा के लिए सुबह 6 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 6 मिनट तक का समय विशेष रूप से शुभ रहेगा।

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सुबह पूजा न कर पाएं तो क्या करें? - फोटो : Instagram
सुबह पूजा न कर पाएं तो क्या करें?
अगर किसी कारणवश सुबह पूजा संभव न हो, तो शाम के प्रदोष काल में भी भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की जा सकती है। 14 सितंबर को शाम 6 बजकर 28 मिनट से रात 8 बजकर 47 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा। इस दौरान रेत या मिट्टी से बनी शिव-पार्वती की प्रतिमा की पूजा करना शुभ माना जाता है।
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हरतालिका तीज पर शिव पार्वती की प्रतिमा - फोटो : Instagram
हरतालिका तीज व्रत के नियम
  • हरतालिका तीज का व्रत बेहद कठोर होता है और इसे निर्जला रखा जाता है, यानी पूरे दिन न जल ग्रहण किया जाता है और न ही भोजन।
  • व्रत के दौरान रात में जागरण करना शुभ माना जाता है।
  • शिव-पार्वती की प्रतिमा स्वयं रेत या मिट्टी से बनाकर पूजा करनी चाहिए।
  • माता पार्वती को श्रृंगार और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करना आवश्यक होता है।
  • व्रत के समय नकारात्मक विचारों और कार्यों से दूरी बनाए रखें।
  • अगले दिन विधिपूर्वक पूजा करने के बाद ही व्रत का पारण करें।
  • एक बार व्रत का संकल्प लेने के बाद उसे बीच में नहीं तोड़ना चाहिए।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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