देश के लगभग सभी मंदिरों का रख रखाव पुजारी ही करते है, लेकिन देश में एक ऐसा मंदिर जहां की देखभाल पुजारी नहीं बल्कि देश के जवान करते हैं। सिक्किम की राजधानी गंगटोक में स्थित हनुमान टोक मंदिर और इसके बगीचे के रखरखाव की जिम्मेदारी भारतीय सेना पर है।
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समुद्रतल से 7200 फीट ऊंचाई पर स्थित हनुमान टोक मंदिर का रखरखाव 1968 में भारतीय सेना को सौपी गई थी। वर्तमान में सेना के 17 मांउटेन डिवीजन की इकाइयां मंदिर की देखरेख रखती हैं।
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यह मंदिर सबसे शांत मंदिरों में से एक है। यह एक ऐसे स्थान पर है, जहां प्रदूषण का नामों निशान तक नहीं हैं।
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मंदिर में भगवान हनुमान की प्रतिमा 1950 में स्थापित की गई। इससे पहले यहां के लोग एक स्वयंभू शिला की ही पूजा करते थे। 1950 में इस क्षेत्र में तैनात एक सरकारी अधिकरी ने अपने सपने में देखा कि बजरंगली ने उसे वहां पर मंदिर बनवाने का निर्देश दिया।