बालू पत्थर से बनी हनुमान जी की यह प्रतिमा 10 वीं सदी की है। 1965 से 1968 के बीच कंबोडिया में गृह युद्घ छिड़ा था जिसमें लुटेरों ने हनुमान जी इस प्रतिमा को प्रसात चेन मंदिर से लूटकर बेच दिया था।
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30 साल के बाद घर लौटे हनुमान जी देखिए तस्वीरें
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करीब 30 साल तक यह प्रतिमा अमेरिका के क्लिवलैंड संग्रहालय में रही। क्लिवलैंड संग्रहालय ने नोम पेन्ह के एक समारोह में मंगलवार के दिन हनुमान जी की इस प्रतिमा को कंबोडिया को वापस कर दिया है।
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कंबोडिया भारत की ही तरह हनुमान और रामायण में विश्वास और श्रद्घा रखता है। इसलिए कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री सोक अन ने हनुमान जी प्रतिमा के वापस मिलने पर कहा कि "अगर हनुमान आज जिंदा होते तो घर लौटने की खुशी उनके चेहरे पर जरुर नजर आती।" वैसे हनुमान जी के घर लौटने से कंबोडिया के लोग काफी खुश हैं।
हनुमान जी की यह दुर्लभ मूर्ति कंबोडिया की छठी उपलब्धि है जो उसे हाल के वर्षों में प्राप्त हुआ है। इससे पहले पांच दुर्लभ मूर्तियां अलग-अलग स्थानों से कंबोडिया को मिल चुके हें।