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Hanuman Janmotsav: कुंवारी लड़कियां नहीं करती हनुमान जी की पूजा, विवाह में होती है देरी? जानें क्या है सच्चाई

Fri, 11 Apr 2025 03:07 PM IST
दीक्षा पाठक धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hanuman Ji Ki Puja: एक अजीब सी धारणा लोगों के बीच घर कर गई है कि अगर कोई अविवाहित लड़की हनुमान जी की पूजा करती है, तो उसका विवाह टल सकता है। यह बात सुनते ही कई लड़कियों के मन में दुविधा घर कर जाती है। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्या सच में ऐसा है?
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हनुमान जन्मोत्सव 2025 - फोटो : adobe stock
भारतीय संस्कृति में जब कोई संकट आता है, तो लोग सबसे पहले संकटमोचन हनुमान को याद करते हैं। उनकी पूजा शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक मानी जाती है। लेकिन समय के साथ एक अजीब सी धारणा लोगों के बीच घर कर गई है कि अगर कोई अविवाहित लड़की हनुमान जी की पूजा करती है, तो उसका विवाह टल सकता है। यह बात सुनते ही कई लड़कियों के मन में दुविधा घर कर जाती है। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्या सच में ऐसा है? और लड़कियों के विवाह में देरी हो जाती है। आइए जानते हैं।
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हनुमान जन्मोत्सव 2025 - फोटो : freepik.com
कुंवारी लड़कियां नहीं करती हनुमान जी की पूजा?
बता दें कि हनुमान जी को ब्रह्मचारी कहा जाता है और यही एकमात्र कारण है कि कुछ लोग यह मानते हैं कि उनकी पूजा स्त्रियों को नहीं करना चाहिए, विशेषकर उन लड़कियों को जो विवाह की उम्र में हों। लेकिन जब हम इस बात को धार्मिक ग्रंथों से देखते हैं, तो तस्वीर कुछ और ही दिखती है। पंडितों और धर्म के विद्वानों का कहना है कि हनुमान जी की पूजा करने में किसी भी स्त्री को कोई दोष नहीं लगता। न ही इससे किसी के विवाह में बाधा आती है।
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हनुमान जन्मोत्सव 2025 - फोटो : freepik.com
जानें क्या है सच्चाई?
दरअसल, हनुमान जी की उपासना करने से भय दूर होता है, आत्मबल बढ़ता है और मन स्थिर होता है। यह पूजा न केवल बुरे सपने और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करती है, बल्कि जीवन के हर मोड़ पर आत्मविश्वास बढ़ाने का काम भी करती है। विवाह में देरी के पीछे अगर कोई कारण होता है, तो वह अधिकतर कुंडली के दोष, पारिवारिक परिस्थितियां होती हैं, न कि ईश्वर होते हैं।

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हनुमान जन्मोत्सव 2025 - फोटो : freepik.com
मान्यताओं के पीछे क्या है सच्चाई
आज भी कुंवारी लड़कियों को लेकर यह मान्यताएं प्रचलित रहती हैं, जिनमें यह धारणा भी शामिल है। परंतु यह याद रखना जरूरी है कि मान्यताएं हमेशा धार्मिक सत्य नहीं होतीं। वे अनुभवों और काल्पनिक विचारों पर आधारित हो सकती हैं, लेकिन शास्त्रों की कसौटी पर नहीं टिकतीं। धार्मिक दृष्टि से हनुमान जी की भक्ति सभी के लिए खुली है, उसमें कोई स्त्री-पुरुष का अंतर नहीं।
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हनुमान जन्मोत्सव 2025 - फोटो : freepik
बिना किसी भय के करें पूजा
इसलिए अगर आपके मन में भी शंका है और कोई लड़की सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा करती है, तो उसे डरने की नहीं, बल्कि गर्व करने की जरूरत है। क्योंकि वह उस देवता की शरण में है, जो अपने भक्तों के सारे कष्ट हरने के लिए जाने जाते हैं। भक्ति को भय से नहीं, विश्वास से किया जाना चाहिए। और अगर मन में श्रद्धा हो, तो कोई भी पूजा अशुभ नहीं होती।


 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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